गंजमुरादाबाद। गंगा का जलस्तर अब तेजी से बढ़ने लगा है। नदी का जलस्तर अब तक तीन फिट अधिक पहुंचा गया है। इससे तटीय मिट्टी तेजी से कटने लगी है। यदि इसी गति से जलस्तर बढ़ा तो दो दिनों में तट वर्तीय क्षेत्र में बोई गई फसलें डूबकर जलमग्न हो जाएंगी।
गंगा का जलस्तर बढ़ने से तटीय मिट्टी भारी पैमाने में कटने लगी है। नदी का जलस्तर बढ़ने से तटवर्तीय इलाके के रतईपुरवा, भगवंतपुरवा, मुन्नीपुरवा, गुल्हरिया व रन्नापुरवा सहित करीब एक दर्जन गांवों के लोगों की धड़कने बढ़ने लगी हैं। नदी के किनारे किसानों की बोई गई फसलें और हरी सब्जियां आदि डूबने की कगार पर पहुंच गई हैं।
यदि इसी तरह पानी बढ़ता रहा तो दो-तीन दिनों में फसलें जलमग्न हो जाएंगी। ग्रामीणों का कहना है अब तक करीब तीन फिट तक जलस्तर बढ़ चुका है और लगातार बढ़ रहा है। एसडीएम इंद्रसेन यादव ने बताया प्रशासन गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर पर नजर रखे है। आवश्यकता पड़ने पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
उधर मच्छरों पर अंकुश लगाने के लिए नगर पंचायत प्रशासन की ओर से कस्बे में फागिंग कराई जा रही है। वहीं नालियों और गंदे स्थानों पर कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कराया जा रहा है। बरसात होने के कारण नगर में मच्छरों की भिनभिनाहट बढ़ गई है। इससे नागरिकों की नींद हराम है।
जिसके मद्देनजर नगर पंचायत कार्यालय ने नगर में व्यापक पैमाने पर फागिंग कराना शुरू कर दिया गया है। तीन दिनों से रात में लगातार फागिंग कराई जा रही है। यही नहीं नगर की समस्त नालियों और गंदे स्थानों पर कीटनाशक दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है। नगर पंचायत अध्यक्ष इकबाल हसन अंसारी ने बताया मच्छरों की भरमार और संक्रामक रोगों से निपटने के लिए दवाओं का छिड़काव कराया जा रहा है।
दागी हुई हरी सब्जियां, दाम चढ़े: गंजमुरादाबाद। बारिश के कारण हरी सब्जियां दागी हो गई हैं। जिससे नगर व ग्रामीण इलाकों की सब्जी मंडियों में हरी सब्जियों की जबरदस्त कमी है। इससे सब्जियों के दाम आसमान छूने लगे हैं। लगातार कुछ दिनों तक बारिश होने से खेतों में बोई गई हरी सब्जियां दागी हो गई हैं।
जिससे हरी सब्जियों के भाव आसमान छूने लगे हैं। मौजूदा समय में आलू 15 रुपये, टमाटर 100 रुपये, बैगन 60 रुपये, तरोई 60 रुपये, भिंडी 45 रुपये, लोबिया 50 रुपये, परवल 70 रुपये, कुंदरू 35 रुपये व करेला 60 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है।
-तटवर्तीय क्षेत्र में बोई गई फसलें डूबने की आशंका बढ़ी
अमर उजाला ब्यूरो