फर्रुखाबाद। पांच जिलों की बिजली आपूर्ति व्यवस्था निजी हाथों में देने का प्रदेश सरकार के फैसले का विरोध शुरू हो गया है। सोमवार को विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति और बिजली कर्मचारी संघ ने कार्य बहिष्कार कर डिवीजन कार्यालय में धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने मुख्यमंत्री संबोधित ज्ञापन एक्सईएन ग्रामीण को दिया है।
प्रदेश सरकार ने लखनऊ, मुरादाबाद, गोरखपुर, मेरठ और वाराणसी जिलों की बिजली व्यवस्था निजीकरण कर दी है। इसके विरोध में बिजली कर्मचारी संघ और विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने विरोध करना शुरू कर दिया है। दोनों संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओ ने सोमवार को दोपहर तीन से
शाम पांच बजे तक कार्य बहिष्कार रख कर डिवीजन कार्यालय में धरना प्रदर्शन किया। संगठन नेताओं ने कहा कि बिजली व्यवस्था को निजीकरण किया जाना गलत है। निजी करण का जो निर्णय लिया गया है वह गलत है, इसका तत्काल वापस लिया जाए। अगर निजीकरण समाप्त नहीं किया गया तो बिजली विभाग से संबंधित सभी संगठन एकत्रित होकर आंदोलन करेंगे। संगठन ने एक्सईएन ग्रामीण रमेश चंद्रा को ज्ञापन दिया। इस दौरान सुधीर कुमार
गुप्ता, शिव कुमार शाक्य, विनोद कनौजिया, सतेंद्र कुमार, शाजिद, नितिन उपाध्याय, धर्मेंद्र कुमार, धीरज सक्सेना, अमित मिश्रा, रमेश बाबू समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
निजीकरण के विरोध में उतरे कर्मचारी
डिवीजन कार्यालय के कार्य बहिष्कार कर कर्मचारियों ने किया धरना-प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो