फतेहपुर के मलवा ब्लॉक के बड़ाहार गांव में भंडारे का दो दिन बाद तक दूषित प्रसाद खाने से 40 लोगों की हालत बिगड़ गई, जिनको पीएचसी में भर्ती कराया गया। डॅाक्टरों ने दूषित भोजन, गर्मी और धूप के बाद स्नान करने से बीमार होने का अंदेशा जताया है।
बड़ाहार गांव गांव के सूरजदीन, लाला, सुखराम, अखिलेश आदि ने बताया कि सोमवार को गणेश महोत्सव को लेकर शंकर पासवान के यहां भंडारे का आयोजन किया गया था। सभी ने प्रसाद में पूड़ी, सब्जी, खीर खाई थी। खाने के साथ ही लोग प्रसाद घर लेकर भी गए थे और उसे दो दिन बाद तक खाते रहे।
मंगलवार की शाम शिवराजपुर गंगा घाट में प्रतिमा विसर्जन में सभी लोगों ने गंगा स्नान किया। बुधवार दोपहर बाद उल्टी-दस्त होने से कई घरों के लोग और बच्चे बीमार पड़ने लगे। गांव में एक साथ इतने लोगों के बीमार होने से दहशत फैल गई। ज्यादातर मरीजों का निजी क्लीनिक में इलाज किया गया।
बीमारी फैलने की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया। सीएमओ डॉ. उमाकांत पांडेय के निर्देश पर पीएचसी गोपालगंज से डॉक्टर जयंत, राजेंद्र अवस्थी, बाबूराम शुक्ला, फार्मासिस्ट आनंद सिंह की टीम ने जांच कर दवा बांटी। पवन कुमार, पलक, अरुण, सतीश को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोपालगंज भेजा गया।
डॉक्टर जयंत ने बताया उल्टी-दस्त से डायरिया के लक्षण मिले हैं। प्रथम दृष्टया दूषित भोजन और गर्मी-धूप के बाद स्नान करने से बीमारी फैलने का अंदेशा है। उधर, ग्रामीणों ने बासी खीर खाने से फूड प्वाइजनिंग का अंदेशा भी जताया है। सीएमओ ने बताया कि गांव में स्वास्थ्य की टीम भेजी गई है। चिकित्सा प्रभारी को गांव में नियमित नजर रखने के निर्देश दिए हैं। ग्रामीण परेशान न हों स्वास्थ्य केंद्र में इलाज की बेहतर व्यवस्था है।