कारोबारियों के आपसी औद्योगिक विवाद सुलझाने के लिए सिविल लाइंस स्थित मर्चेंट चैंबर उत्तर प्रदेश परिसर में इंडियन काउंसिल ऑफ आर्बिट्रेशन (मध्यस्थता) का कार्यालय खोला जाएगा। 16 मार्च को इसका शुभारंभ इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर करेंगे। इस दौरान न्यायाधीश शाहीबुल हसनैन भी मौजूद रहेंगे।
मर्चेंट चैंबर उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष बीएम गर्ग, सचिव महेंद्र मोदी व इंडियन काउंसिल ऑफ आर्बिट्रेशन के सदस्य धर्मेश अवस्थी ने गुरुवार को मर्चेंट चैंबर सभागार में प्रेसवार्ता के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में इंडियन काउंसिल ऑफ आर्बिट्रेशन का पहला कार्यालय है। आर्बिट्रेशन कार्यालय खुलने से उद्यमियों के आपसी विवाद आसानी से सुलझ सकेंगे। कोर्ट में चल रहे मुकदमों की संख्या में कमी आएगी। मर्चेंट चैंबर ने अपने सभी सदस्यों को सूचित कर दिया है कि वे अपने बिल यह प्रिंट करवा लें कि सभी तरह के औद्योगिक विवादों का हल इंडियन काउंसिल ऑफ आर्बिट्रेशन के नियमों के तहत होगा। इसका कार्यक्षेत्र पूरा उत्तर प्रदेश होगा। कानपुर जैसे बड़े औद्योगिक और व्यापारिक शहर में अभी तक आपसी विवाद सुलझाने के लिए कोई मध्यस्थता केंद्र नहीं था। यह भी बताया गया कि व्यापार में विवाद तो होता ही है। इन्हें हल करने के लिए आवश्यक तंत्र की आवश्कता होती है। यह तंत्र कोर्ट के रूप में हम सभी के पास मौजूद है लेकिन कोर्ट में विवाद के हल का कोई समय निश्चित नहीं है। वहां लंबी पेंडेंसी है। इस वजह से मध्यस्थता केंद्र बहुत ही उपयोगी साबित होगा।