इटावा। सीएम योगी के गड्ढा मुक्ति के फरमान पर पीडब्ल्यूडी ने शहर में खानापूरी करा दी है। ऐसा लग रहा कि मानो विभाग ने ठेकेदारों के काम का जायजा तक नहीं लिया। ज्यादातर गड्ढे इतने बेतरतीब ढंग से भरे गए हैं। उनके भर जाने के बाद भी सड़कें ऊबड़खाबड़ बनी हुई हैं। उभरे हुए गड्ढे न सिर्फ जाम की वजह बन रहे बल्कि दोपहिया वाहन सवारों के लिए परेशानी का सबब भी बने हुए हैं।
शहर के गड्ढों के भरने का कार्य पीडब्ल्यूडी के निर्माण खंड एक ने कराया है लेकिन पेंचवर्क की गुणवत्ता बेहद खराब रही है। गड्ढों को भरते समय सड़क की सतह को समतल किए जाने पर गौर नहीं हुआ। नतीजतन रामगंज रोड, मकसूद पुरा, नगरपालिका चौराहा आदि जगहों पर बेतरतीब ढंग से भरे हुए इन गड्ढों को आसानी से देखा जा सकता है। पेंचवर्क करते समय गड्ढों में डाली गई डामरयुक्त गिट्टी का लेबल सही नहीं रखा गया। गड्ढे वाली जगह भराई करने के बाद भी सड़क से नीचे है और गड्ढे के आसपास की जगह ऊंची दिख रही।
जिस जगह डामरयुक्त गिट्टी अधिक डाली जानी चाहिए थी, वहां कम रही। इस वजह से सड़कें समतल न होकर ऊबड़खाबड़ दिख रही हैं। जो दोपहिया वाहन सवारों के लिए किसी ठोकर से कम नहीं है।
आमतौर पर शहर के हर मार्ग पर छोटे बड़े वाहनों का ओवरलोड बना हुआ है। ऐसे में जहां कहीं भी गड्ढे दिखते हैं। वहां वाहन सवार उससे बचकर निकलना चाहते हैं। भीड़भाड़ के हालात में वाहनों के फंसने से जाम की स्थिति पैदा हो रही है।
सीवरलाइन के मैनहोल भी पैदा कर रहे परेशानी
गड्ढों के अलावा सीवरलाइन के मैनहोल भी वाहन सवारों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। नौरंगाबाद चौराहा से तिकोनिया तक पालिका प्रशासन ने डिवाइडर के रूप में डेलीनेटर लगवाए हैं। इससे सड़क की एक तरफ की चौड़ाई महज 8-10 फुट के इर्दगिर्द रह गई है। इसमें भी कई जगह दुकानों के आगे दोपहिया वाहन आदि खड़े रहते हैं। आवागमन के लिए कई बार बेहद कम जगह मिलती है। इसके बाद भी इस मार्ग पर सीवरलाइन के मैनहोल पर रखे ढक्कन सड़क से नीचे हैं। कई जगहों पर ये छह इंच तक नीचे रखे हैं। चार पहिया वाहन के पीछे चलने वाले बाइक या स्कूटी सवार के लिए यह मैनहोल मुसीबत खड़ी कर रहे हैं। स्पीड में चलने पर मैनहोल बचाने में अक्सर दुर्घटनाएं हो जाती हैं।
गड्ढों को भरने में यदि कहीं कोई खामी रही है। तो वह इसकी जांच करा लेंगे। वहां दोबारा से गड्ढे भरवाए जाएंगे। आवागमन में किसी भी तरह परेशानी नहीं रहेगी। शासन के निर्देशानुसार कार्य कराया जाएगा।
चंद्रशेखर सिंह, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी सीडी वन, इटावा