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पीयूष हत्याकांडः सांसों के साथ थमी घड़ी की टिक-टिक, इससे खुल सकते हैं कई राज

Sun, 21 Apr 2019 11:19 PM IST
शिखा पांडेय क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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कानपुर पीयूष हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
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पीयूष हत्याकांड में एक और तथ्य सामने आया है। पीयूष की घड़ी की टिक-टिक भी उसकी सांस के साथ थम गई थी। घड़ी गुरुवार रात 12:05 बजे बंद हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मौत का समय तकरीबन यही है। कानपुर पुलिस ने पीयूष की घड़ी कब्जे में ली है। घटना के वक्त पीयूष के बाएं हाथ में घड़ी बंधी हुई थी। पुलिस के मुताबिक घड़ी सेंसर वाली है। कलाई पर बांधते ही घड़ी चलने लगती है।
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डेढ़ घंटे की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस 
ग्वालटोली इंस्पेक्टर राजकुमार ने बताया कि रात साढ़े दस बजे मृतक का फोन बंद हुआ था। फोन की लोकेशन परमट की थी। 12:05 बजे उसकी हत्या हो गई। हत्यारे ने इसी एक घंटा 35 मिनट के भीतर पीयूष को ले गए और उसको मार डाला। साक्ष्य मिटाए फिर भाग निकले।  
 
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इससे पुलिस को यकीन हो गया है कि हत्या इस वजह से हुई है

पुलिस ने पीयूष के दोस्तों व महिला मित्र के मामा को उठाया है। पर्याप्त साक्ष्य न मिलने से तीसरे बिंदु पर जांच शुरू की गई है। पुलिस का कहना है कि पीयूष कई युवतियों के संपर्क में था। वह उनके घर पर जाकर रुकता था। उसके कई दोस्त भी एक ही युवती से बातचीत करते थे। इससे पुलिस को यकीन हो गया है कि हत्या आशनाई में हुई है। पुलिस के मुताबिक वारदात में कोई तीसरा शख्स भी शामिल हो सकता है।  
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