पीयूष हत्याकांड में एक और तथ्य सामने आया है। पीयूष की घड़ी की टिक-टिक भी उसकी सांस के साथ थम गई थी। घड़ी गुरुवार रात 12:05 बजे बंद हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मौत का समय तकरीबन यही है। कानपुर पुलिस ने पीयूष की घड़ी कब्जे में ली है। घटना के वक्त पीयूष के बाएं हाथ में घड़ी बंधी हुई थी। पुलिस के मुताबिक घड़ी सेंसर वाली है। कलाई पर बांधते ही घड़ी चलने लगती है।
डेढ़ घंटे की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस
ग्वालटोली इंस्पेक्टर राजकुमार ने बताया कि रात साढ़े दस बजे मृतक का फोन बंद हुआ था। फोन की लोकेशन परमट की थी। 12:05 बजे उसकी हत्या हो गई। हत्यारे ने इसी एक घंटा 35 मिनट के भीतर पीयूष को ले गए और उसको मार डाला। साक्ष्य मिटाए फिर भाग निकले।