लोकसभा चुनाव में सोमवार को मतदान के बाद एक ईवीएम कलेक्शन सेंटर तक नहीं पहुंची। पॉलीटेक्निक में बने स्ट्रांगरूम में यह राज खुलने पर आनन-फानन पुलिस और प्रशासनिक टीमें दौड़ीं लेकिन पूरी रात ईवीएम का पता नहीं लगा सकीं। मंगलवार सुबह करीब नौ बजे ईवीएम मतदान केंद्र के पास पड़ी मिली। इस मशीन के साथ तैनात पीठासीन अधिकारी, अन्य मतदान कार्मिक व सुरक्षा ड्यूटी में लगे पुलिस वालों समेत नौ के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पीठासीन अधिकारी समेत चार मतदान कार्मिक हिरासत में हैं।
मामला हमीरपुर-महोबा-तिंदवारी संसदीय सीट से जुड़ा है। सोमवार को मतदान पूरा होने के बाद विकासखंड पनवाड़ी में फदना के प्राथमिक विद्यालय में बने बूथ (संख्या 127) की एक ईवीएम स्ट्रांगरूम नहीं पहुंची। इस बूथ की ड्यूटी में लगे पीठासीन अधिकारी व अन्य कार्मिकों ने बूथ छोड़ते वक्त ईवीएम वहीं भूल आने का तर्क दिया। कहा कि चार सदस्यीय टीम का हर सदस्य मान बैठा कि मशीन दूसरे ने अपने कब्जे में ले ली है। घबराए अफसर आनन-फानन बूथ की ओर दौड़े। डीएम, एसपी समेत अन्य अफसरों ने भी बूथ संख्या 127 का रुख किया। ग्रामीणों ने बताया कि पूरे मतदान केंद्र व आसपास के घरों की तलाशी कराई गई लेकिन पूरी रात ईवीएम हाथ नहीं आई।
मंगलवार सुबह नौ बजे पुलिस और प्रशासनिक टीमों के वापस जाने के बाद किसी ग्रामीण की सूचना पर पुलिस ने मतदान केंद्र के पीछे पड़ी ईवीएम को कब्जे में लिया। एआरओ चरखारी अरविंद कुमार द्विवेदी ने पीठासीन अधिकारी कमलेश वाजपेयी (जेई जल संस्थान), मतदान अधिकारी शरद नगायच (शिक्षक), मतदान अधिकारी द्वितीय रजिया बेगम (शिक्षक) और मतदान अधिकारी तृतीय अमरेंद्र कुमार (सफाई कर्मी) के अलावा पुलिस कर्मचारी श्याम सुुंदर निवासी सोनभद्र, रिंकू निवासी सोनभद्र, होमगार्ड चरण सिंह निवासी हाथरस, चौकीदार आजाद खां निवासी पनवाड़ी सहित नौ लोगों के खिलाफ कोतवाली महोबा में मुकदमा दर्ज कराया है। मतदान टीम के चारों सदस्य सोमवार रात पॉलीटेक्निक स्थित स्ट्रांगरूम से ही हिरासत में ले लिए गए थे।
सोमवार रात में मतदान कार्मिक घोर लापरवाही करते हुए ईवीएम वहीं भूलकर पोलिंग पार्टी की बस में सवार हो गए। तलाशी में गईं टीमों को ईवीएम वहीं मिल गईं। इस मामले में जिम्मेदार पीठासीन अधिकारी सहित चारों कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
-सहदेव, डीएम (जिला निर्वाचन अधिकारी), महोबा
गायब हो जाने पर जिला प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। सारी रात तलाश में जुटे रहे प्रशासन ने 14 घंटे बाद मंगलवार की सुबह नौ बजे मतदान केंद्र के ही पास ईवीएम मिल जाने पर राहत की सांस ली। जिलाधिकारी के आदेश पर पीठासीन अधिकारी सहित चार कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया गया है। एआरओ की तहरीर पर नौ कर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।