अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। शहर में बड़े वाहनों के प्रवेश को रोकने के लिए बनाए जा रहे रिंग रोड पर तीन ओवरब्रिज बनाए जा रहे हैं। इन पर एक अरब 40 करोड़ 72 लाख रुपये से ज्यादा की लागत आएगी। इनका निर्माण शुरू भी हो गया है, हालांकि निर्माण की गति धीमी है। तीनों पुलों का तकरीबन 10 फीसदी ही काम हो पाया है।
बसपा सरकार में बांदा शहर के चारों ओर बाईपास रिंगरोड की स्वीकृति दी गई थी। कुछ सड़के बन भी गई हैं। बाहरी जिलों से आने वाले वाहनों को शहर में दाखिल हुए बिना बाहर निकालने के लिए बनाए जा रहे रिंग रोड पर दो स्थानों पर रेलवे लाइन और एक स्थान पर केन नदी के ऊपर पुल बनाए जा रहे हैं।
उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम इनका निर्माण करा रहा है। जन सूचना अधिकार अधिनियम के तहत एक्टिविस्ट व समाजसेवी कुलदीप शुक्ला को राज्य सेतु निगम की बांदा निर्माण इकाई के डीपीएम ने दी सूचना में बताया कि पहला सेतु केन नदी पर राजघाट से करीब सात किमी आगे बनाया जा रहा है।
इसका निर्माण इसी वर्ष अप्रैल में शुरू हुआ है। इसकी लागत 41 करोड़ 64 करोड़ 69 हजार रुपये है। इस पुल में 20 खंभे बनेंगे। सात खंभों में सिकिंग काम चल रहा है, शेष 13 में फाउंडेशन का काम चल रहा है। अब तक 13 फीसदी निर्माण हुआ है। यह पुल मार्च 2021 में शुरू होगा।
दूसरा पुल बांदा-झांसी रेलवे लाइन के ऊपर (1313-1314 किलोमीटर) फोरलेन बनाया जा रहा है। इसकी लागत 51 करोड़ 61 लाख 9 हजार है। इसमें 14 खंभे बनेंगे। 4 खंभों के फाउंडेशन कार्य शुरू हो चुका है। नौ फीसदी कार्य हुआ है। इस पुल को 2020 में पूरा होना है।
तीसरा पुल भी बांदा-मानिकपुर रेलवे लाइन पर किलोमीटर 1322 पर फोरलेन बन रहा है। इसकी शुरुआत इसी वर्ष मई में हुई है। लागत 47 करोड़ 46 लाख 9 हजार है। 16 दोहरे खंभे बनेंगे। अब तक आठ फीसदी काम हुआ है। यह पुल भी मार्च 2020 में पूरा होने का दावा सेतु निगम ने किया है।