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बुखार से बच्चे की मौत, सात और मरीज भर्ती

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फर्रुखाबाद (ब्यूरो)। लोहिया अस्पताल में मौसमी बीमारियों की संख्या खासी बढ़ गई है। शुक्रवार को ओपीडी में 1100 मरीज पहुंचे। इसमें मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या करीब 60 फीसदी थी। बुखार से पीड़ित एक बच्चे की मौत हो गई जबकि सात नए मरीजों को भर्ती कराया गया। मृत बच्चे के पिता ने डॉक्टर पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।
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लोहिया अस्पताल में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है। शुक्रवार को ओपीडी में 1100 मरीज पहुंचे। इसमें बुखार, जुकाम, पेटदर्द और डायरिया के मरीजों की सख्या करीब 60 फीसदी थी। बुखार से एक बच्चे की मौत हो गई जबकि साल लोगों को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। नवाबगंज ब्लॉक के बसईखेड़ा में संक्रामक बीमारियां फैली हैं। तीन दिन पहले स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव जाकर मरीजों की जांच की थी। इसके बावजूद स्थिति में सुधार नहीं आया है।


इस गांव में बड़ी संख्या में लोग बीमारियों की चपेट में हैं। गांव के मनोज कुमार के बेटे अंश (10 माह) और बेटी अनामिका (4) को कई दिनों से बुखार आ रहा था। दोनों को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टर राजेश तिवारी बच्चों का इलाज कर रहे थे। शुक्रवार सुबह अंश हालत बिगड़ गई। डॉक्टर ने उसे मेडिकल कॉलेज सैफई रेफर कर दिया। परिवार के लोग उसे वहां ले जा रहे थे लेकिन अस्पताल गेट के बाहर ही बच्चे ने दम तोड़ दिया। पिता ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना था कि डॉक्टर राउंड पर भी नहीं आते थे।
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महिला अस्पताल के डॉक्टर कैलाश ने वीगो लगाने से भी मना कर दिया था। कई घंटों तक बच्चे को भर्ती भी नहीं किया गया। डॉ राजेश तिवारी का कहना था कि बच्चे को कई दिनों से बुखार आने के कारण उसके दिमाग में सूजन आ गई। जिससे उसे झटके आने लगे। उसकी अचानक तबियत खराब हुई और उसे रेफर कर दिया गया। सीएमएच डॉ बीबी पुष्कर का कहना था कि बच्चे के इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती गई। जानकारी मिलने पर डॉक्टर कैलाश को भेजा। इसके बाद डॉक्टर राजेश तिवारी ने उसका इलाज किया।



जिला अस्पताल में फिजीशियन के दो पद हैं। इसमें एक पद रिक्त चल रहा है। दूसरे फिजीशियन डॉक्टर अशोक कुमार की शुक्रवार को कोर्ट में पेशी थी। इससे उनका कक्ष बंद था। फिजीशियन न होने से मरीज परेशान हुए। इसके बाद सबसे ज्यादा भीड़ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश तिवारी के कक्ष में थी। डॉ राजेश ने बताया कि इस समय अस्पताल में टाइफाइट और बुखार के मरीजों की सबसे ज्यादा मरीज है।
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बुखार से बच्चे की मौत, सात मरीज भर्ती
जिला अस्पताल की ओपीडी में शुक्रवार को पहुंचे 1100 मरीज
मृत बच्चे के पिता ने लगाया इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
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