चित्रकूट। बुंदेलखंड में सबसे ज्यादा बारिश चित्रकूट में होने से पशुओं में खुरपका, गलाघोंटू व पोकनी रोग की बढ़ने की आशंका बढ़ गई है। इस पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए पशु विभाग ने टीकाकरण अभियान चलाया है।
गांवों में पशुओं को बीमारी से दूर रखने के लिए पशुपालकों को जानकारी भी दी जा रही है। वहीं विभाग ने पहले से एक लाख टीके मंगवा लिए हैं।
पशु विभाग होने वाले रोग पर नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चला रहा है। लगातार बारिश होने से किसान तो खुश, लेकिन पशुपालक चिंतित हैं। अन्ना पशुओं में भी बीमारी फैलने की संभावना बन गई है। इन दिनों गांव में पशुओं में गलाघोंटू रोग ज्यादातर फैला है। हालांकि विभाग का दावा है कि यह रोग पूरी तरह नियंत्रण में है।
गांवों में जाकर पशुओं व भेड़ बकरियों का टीकाकरण किया गया है। उप मुख्य पशु चिकित्सक डॉ. एचएन बबेले ने बताया बारिश के मौसम में जब पशु कीचड़ में अधिक रहते हैं तो खुरपका रोग हो जाता है। भेड़ बकरियों में बुखार के लक्षण बढ़ जाते हैं तो पोकनी रोग शुरू हो जाता है।
जिसके लिए पीपीआर के टीके लगाए जाते हैं। जिले में बारिश तो अच्छी हो रही है, लेकिन इससे पशुओं में रोग फैलने की संभावना भी बढ़ती है। पाठा क्षेत्र के किसान अनिल कुमार, हनुमान पटेल, गिरीश चतुर्वेदी ने बताया अन्ना मवेशियों में गला घोंटू बीमारी फैली है।
लगातार हो रहा टीकाकरण: चित्रकूट। गलाघाेंटू के इंजेक्शन एक लाख 41 हजार 500 आए थे। जिसमें बकरी के लिए 26200 और सूकर के 500 लंगड़ी बुखार के 2500 टीके शामिल हैं। गलाघोटू के 34 हजार 146 पशुओं का टीका करण किया गया है। खुरपका रोग के तहत तीन लाख 84 हजार 160 व इसके साथ ही भेड़ बकरियों में पोकनी रोग से बचाव के लिए पीपीआर के 8050 टीके लगाए गए हैं। कुत्तों में रैबीज के 491 टीका लगाए गए हैं।
विभाग देगा पौष्टिक आहार: चित्रकूट। डॉ. एचएन बबेले ने बताया पशुओं के पौष्टिक चारे के लिए 142 ग्राम पंचायताें से लाभार्थियों का चयन किया जाएगा। जिसमेें पशु विभाग चारा को पौष्टिक बनाने के लिए अतिरिक्त सामग्री देगा। इसे चारे में मिलाकर पशु मालिक खिलाएंगे।
-पशु विभाग ने बीमारी फैलने की आशंका से एक लाख टीके मंगाए
अमर उजाला ब्यूरो