कानपुर देहात। घाटमपुर क्षेत्र के बहुचर्चित शराब कांड मामले में आरोपी की ओर से दायर जमानत याचिका को अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम की अदालत ने खारिज कर दिया। आरोपी पर राजनैतिक पहचान के कारण जांच प्रभावित करने और मामला मृत्युदंड व आजीवन कारावास की श्रेणी का होने के कारण न्यायालय की ओर से जमानत याचिका को खारिज किया गया।
सहायक शासकीय अधिवक्ता देवेंद्र मिश्रा ने बताया कि मार्च 2019 में घाटमपुर थाना क्षेत्र के सुखैयापुर मजरा कोरथा में परचून की दुकान से खरीदकर जहरीली शराब पीने से दो लोगों की मौत हो गई थी। मामले में सुखैयापुर के मजरा कोरथा निवासी हरीशंकर ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि आठ मार्च 2019 की शाम भाई शिवशंकर, वीरेंद्र और नारेंद्र ने गांव के ही राजूू, राहुल, सुरेश की परचून की दुकान से शराब खरीदकर पी थी, जिसमें शिव शंकर व वीरेंद्र की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। वहीं नरेंद्र का उपचार चल रहा है।
दुकानों में केमिकलयुक्त मिलावटी शराब की खेप पहुंचाने के दौरान पुलिस ने बसपा नेता व पेशे से अधिवक्ता योगेंद्र कुशवाहा को मिलावटी शराब की आपूर्ति करने के मामले में गिरफ्तार किया था। अभियुक्त योगेंद्र कुशवाहा की पत्नी कुंती देवी ने जमानत याचिका दायर की थी।
बुधवार को जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान एडीजे प्रथम प्रवीण कुमार पांडेय ने अभियुक्त राजनैतिक पहचान, रिहा होने के बाद मामले की विवेचना को प्रभावित करने व मृत्यु दंड या आजीवन कारावास की श्रेणी का होने के साथ ही जमानत का पर्याप्त आधार न बनने पर जमानत याचिका खारिज कर दी।
घाटमपुर शराब कांड के आरोपी की जमानत खारिज