अमर उजाला ब्यूरो
बरौर। डीपीआरओ शिवशंकर सिंह ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत बन रहे बरौर ग्राम पंचायत में शौचालयों का निरीक्षण किया। गांव में एक भी शौचालय पूरा नहीं मिला। इस पर उन्होंने एडीओ पंचायत व ग्राम विकास अधिकारी को फटकार लगाते हुए निर्माण जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए।
डीपीआरओ ने सबसे पहले बरौर और उसके मजरे मड़ैयां, मदनपुर के स्कूलों के शौचालयों का निरीक्षण किया। तीनों ही स्कूलों में शौचालय अधूरे मिले। इसके बाद बरौर गांव पहुंचे। बतौर में 391 शौचालयों को मंजूरी मिली है। इसमें अभी तक केवल 35 लाभार्थियों को पहली और 50 को दूसरी किस्त मिली है लेकिन एक भी शौचालय का निर्माण पूरा नहीं हुआ है। 306 लाभार्थियों को एक भी पैसा नहीं दिया गया है। लापरवाही पर डीपीआरओ ने एडीओ रामप्रकाश पाठक और ग्राम विकास अधिकारी से भी जवाब तलब किया। स्वच्छ भारत मिशन के जिला समन्वयक विमल कुमार पटेल, ग्राम प्रधान उमादेवी, स्वच्छता ग्राही सुरजीत सिंह, समाजसेवी राम शंकर, जय सिंह मौजूद रहे।
विकासखंड अमरौधा के प्राथमिक विद्यालय मीरपुर में बने शौचालय क्षतिग्रस्त पड़े है। शौचालय में पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। विद्यालय की प्रधानाध्यापक प्रीति सचान ने बताया कि विद्यालय में 42 बच्चे पंजीकृत है। बच्चें खुले में शौच जाने को मजबूर है। बच्चे शौच करने के लिए घर चले जाते है। जिससे बच्चों का शिक्षण कार्य बाधित होता है। बताया कि सफाईकर्मी भी प्रतिदिन सफाई करने विद्यालय नहीं आता है। जिससे विद्यालय परिसर में गंदगी बनी रहती है। उच्चाधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है।
बरौर में शौचालय बनवाने में लापरवाही
391 शौचालयों में एक भी निर्माण पूरा नहीं
35 लाभार्थियों को एक, केवल 50 केा दो किस्तें मिलीं
तीनों स्कूलों के शौचालयों का निर्माण भी पड़ा अधूरा