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इंस्पेक्टर को बचाने के लिए एसपी ने कराया समझौता

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अमर उजाला ब्यूरो
कानपुर देहात। पड़ोसी को न बुलाने पर फौजी से गाली गलौच कर, घसीटकर थाने ले जाकर 151 में कार्रवाई करने के मामले में पुलिस की किरकिरी और अपने थानेदार की गर्दन फंसती देख मंगलवार को एसपी ने जबरिया समझौता करा दिया। इस समझौते में थानेदार के हितैषी कुछ कथित संभ्रांत लोगों ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई। दबाव में कराए गए समझौते के वक्त फोटो खिंचवाते समय फौजी मायूस दिखे।

पलिया के कृष्णा नगर निवासी सर्वेश कुमार सेना में है। वह छुट्टी पर घर आए हैं। फौजी के पड़ोसी एक अधिवक्ता का किसी से विवाद हो गया था। 14 फरवरी को डेरापुर थानाध्यक्ष रामबहादुर पाल मामले की जांच करने आए थे। उन्होंने घर के बाहर खड़े सर्वेश से अधिवक्ता को बुलाने के लिए कहा था। बोल चाल न होने की बात कहकर सर्वेश ने बुलाने से मना कर दिया। इस पर एसओ ने न केवल फौजी से गाली गलौज की बल्कि घसीट कर गाड़ी में बैठाकर थाने लए थे। वहां शांतिभंग की धारा में कार्रवाई भी कर दी। फौजी को घसीटकर ले जाने का वीडियो सोशल मीडिया के जरिये आईजी आलोक सिंह तक पहुंच गया।
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उन्होंने एसपी को निर्देश दिए किंतु एसपी ने कार्रवाई नहीं की। सोमवार को सेना के अधिकारी थाने पहुंचे और थानाध्यक्ष से जानकारी ली। खुद का कार्रवाई होते देख एसओ ने क्षेत्र के प्रतिष्ठित लोगों से समझौता कराने की गुहार लगाई लेकिन फौजी ने उनसे मिलने से मना कर दिया। आखिर एसओ के हितैषी लोग फौजी को एसपी राधेश्याम के कार्यालय ले जाने में सफल रहे। वहां समझौता कराकर एसपी ने फौजी व एसओ से हाथ मिलवा कर फोटो खिंचवाई। फोटो खिंचवाते समय सर्वेश सिर झुकाए खड़े दिख रहे हैं। एसपी का कहना था कि एसओ व फौजी एक दूसरे पर अभद्रता का आरोप लगा रहे थे। दोनों ने गलती स्वीकार कर समझौता कर लिया है।




इंस्पेक्टर को बचाने के लिए फौजी से कराया समझौता
पड़ोसी को न बुलाने पर पुलिस फौजी को घसीटकर ले गई थी थाने
क्रासर
घसीटकर ले जाने का वीडियो हुआ था वायरल
आईजी ने एसपी को दिए थे कार्रवाई के निर्देश
फोटो संख्या-19 एकेबीपी-22समझौते के बाद मायूस खड़ा फौजी सर्वेश
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