अमर उजाला ब्यूरो
कानपुर देहात। अकबरपर डिग्री कालेज के मैदान पर शनिवार को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना से कराए गए कार्यक्रम में 229 जोड़ों ने दांपत्य जीवन में प्रवेश किया। खुशनुमा माहौल में 204 जोड़ों ने अग्नि को साक्षी मानकर एक दूजे का हाथ थामा और 25 ने निकाह पढ़ा। पंजीकरण कराने के बावजूद 20 हिंदू और 2 मुस्लिम जोड़े विवाह के लिए नहीं पहुंचे। इसमें 16 विधवा और एक तलाकशुदा का पुनर्विवाह हुआ।
डीएम राकेश कुमार सिंह ने कहा कि धन के अभाव में गरीब धूमधाम से बेटियों की शादी नहीं कर पाते थे। उनके सपने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना से साकार हो रहे हैं। सरकार के इस कार्यक्रम में समाजसेवी व उद्यमियों ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। भव्य पंडाल को आठ ब्लॉकों बांटा गया था। हर ब्लॉक में 30-30 जोड़ों के बैठने की व्यवस्था थी। जोड़ों की सूची हर ब्लॉक में चस्पा थी। पांडाल को रंगोली और रंग बिरंगे गुब्बारों से भी सजाया गया था। गायत्री परिवार के विद्वानों ने वैदिक मंत्रों विवाह कराया। वर वधू ने एक दूसरे को वरमाला डाली इसके बाद फेरे लिए।
जिलाधिकारी ने नव दंपति को विवाह के फोटोयुक्त प्रमाणपत्र दिए। वर-वधू के फोटो के साथ माता पिता के नाम भी दर्ज हैं। कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष राहुल अग्रिहोत्री, विधायक प्रतिभा शुक्ला, पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी, श्याम सिंह सिसौदिया, मदन पांडेय, सीडीओ महेंद्र कुमार राय, एडीएम प्रशासन पंकज वर्मा, साहब लाल, सीएमओ डा. हीरा सिंह, डीडीओ अभिराम त्रिवेदी, पीडी शिवशंकर पांडेय, एसडीएम आनंद कुमार सिंह, राम शिरोमणि, दीपाली कौशिक, राजीव उपाध्याय, अंजू वर्मा, समाज कल्याण अधिकारी, डीआईओएस अरविंद कुमार द्विवेदी और बीएसए संगीता सिंह मौजूद रहीं।
सामूहिक विवाह समारोह में अधिकारियों ने बरातियों व जनातियों दोनों की भूमिका निभाई। सूट पहनने सभी अधिकारी गुलाबी पगड़ी लगाए थे। हर अधिकारी व कर्मचारी के अंदर जिम्मेदारी का भाव दिख रहा था। कार्यक्रम कोई गड़बड़ी न हो इसके लिए पांडाल में चक्कर लगाते रहे। समारोह किन्नरों ने ढोलक बजाकर मंगल गीत गाए। डीएम, सदर एसडीएम ने किन्नरों को नेग दिया। विवाह की रस्में कराने के लिए गायत्री परिवार के पुरुष व महिलाएं पीले परिधान में जुटे रहे। जिला संयोजक जेपी द्विवेदी ने बताया विनोद कुमार गुप्ता, रामसेवक वर्मा, अनुपम गुप्ता, विशनलाल गायत्री परिवार के 270 लोग सहयोग के लिए शामिल हुए।
ड्रोन कैमरे से कराई गई वीडियोग्राफी
सामूहिक विवाह कार्यक्रम में अकबरपुर डिग्री कालेज मैदान पर भारी भीड़ रही। सुरक्षा के लिए महिला व पुरुष पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। अग्रिशमन दल भी मुस्तैद रहा। ड्रोन कैमरे से पूरे कार्यक्रम की वीडियो ग्राफी कराई गई। अन्य फोटोग्राफर भी लगाए थे। अधिकारी व कर्मचारी भी सेल्फी लेते रहे। कार्यक्रम में सभी ब्लाकों व नगर पंचायतों से दूल्हा दुल्हनों को वाहन से लाया गया था। कई वाहन सड़क ही खड़े कर दिएगए, इससे सड़क पर जाम की स्थिति रही। यातायात पुलिस कर्मी वाहनों को हटवा कर जाम खुलवाने की मशक्कत करते रहे।
नव दंपति के सामूहिक विवाह समारोह में घर गृहस्थी का सामान भी उपहार के रूप में दिया गया। दस हजार रुपये के बर्तन व कपड़े आदि दिए गए। 35 हजार रुपये उनके खाते में भी डाले गए। पिछले वर्ष नकद धनराशि केवल बीस हजार थी, जिसे इस बार बढ़ा कर मुख्यमंत्री ने 35 हजार कर दिया है।
मलासा ब्लाक के गिरदौं गांव की रिंकी की शादी कपराहट के पवन के साथ तय हुई थी। दोनों ने पंजीकरण कराया गया था। दूल्हन पक्ष के लोग तो पंडाल में पहुंच गए लेकिन दूल्हा नहीं आया। जानकारी होने पर अकबरपुर एसडीएम आनंद कुमार सिंह ने अपनी गाड़ी भेजकर उसे बुलवाया। इसके बाद उसकी शादी हो सकी। कुछ लोगों ने बताया कि दूल्हा बाइक के लिए वह जिद कर रहा था, समझाने के बाद शादी कर ली।
डीआईओएस अरविंद कुमार द्विवेदी ने सामूहिक विवाह समारोह में भटौली रूरा की साक्षी व अनुज की शादी में कन्यादान की रस्म निभाई। उन्होंने वधू को सोने का लाकेट व चांदी की बिछिया, पायल व साड़ी भेंट की।
समारोह एक दिव्यांग जोड़े ने धर्म की बेड़ियां तोड़ीं। अकबरपुर के नयागंज निवासी शोएब की शादी अंजू से हुई। एक-एक पैर से दिव्यांग शोएब मुस्लिम और अंजू हिंदू। दोनों एक ही मोहल्ले के रहने वाले हैं। विवाह हिंदू रीतिरिवाज से हुआ। दोनों के परिजनों ने नवयुगल को आशीर्वाद दिया। अंजू के पिता केवल सिंह ने कहा कि आपस में प्यार होना चाहिए, जाति धर्म की सीमा में बंधे रहने से जिंदगी खुशहाल नहीं हो सकती है।
सामूहिक विवाह समारोह में इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) ने भी सहयोग किया। एसोसिएशन की ओर से प्रत्येक वर को एक पैंट शर्ट व कन्या को साड़ी व कुकर दिया गया। मूयर ग्रुप ने आटा, बेसन, रिफाइंड आदि खाद्य पदार्थों का पैकेट उपहार में दिया। डीएम ने कहा कि उद्यमियों के सहयोग की सराहना की।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम वर-वधू पक्ष के लोगों के लिए प्रशासन की ओर भोजन की व्यवस्था की गई थी। दोपहर बाद भोजन के पैकेट बांटे गए। पैकेज खोलने पर खाने से बदबू आ रही थी, उसमें फफूंद भी लगी थी। झींझक नगर से आए लाल सिंह, जितेंद्र सिंह व अश्वनी कुमार ने बताया कि सब्जी से गंध आ रही थी। सूखी सब्जी में फफूंद लगी थी। पैकेट बांटने वाले से शिकायत की तो उसने अचार से पूड़ी खाने की सलाह दे डाली। इस पर कुछ लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। खाना खराब होने की जानकारी पर कई लोगों ने पैकेट लेने से इंकार कर दिया। अधिकारियों ने समझाबुझाकर शांत कराया और दूसरा पैकेट दिलवाए। लोगों का आरोप था कि प्रशासन ने दो तरह का खाना बनवाया था। पानी के लिए भी लोग परेशान हुए। नगर पंचायत की ओर से लगाया गया टैंकर खाली हो गया। इसे दोबारा नहीं भराया गया। इससे लोग पेयजल के लिए भटकते रहे।
204 ने लिए फेरे, 25 ने पढ़ा निकाह
क्रासर
पंजीकरण कराने के बाद नहीं आए 22 जोड़े
फोटो संख्या-09 एकेबीपी-2 मंडप की ओर जाते जोड़े
फोटो संख्या-09 एकेबीपी-3 बारात जाने के दौरान नाचते अपर मुख्य अधिकारी व अन्य
फोटो संख्या-09 एकेबीपी-4 मंडप में बैठे जोड़े
फोटो संख्या-09 एकेबीपी-5 निकाह का इंतजार में बैठे दूल्हे
फोटो संख्या-09 एकेबीपी-6 जोड़ों को आशीर्वाद देते डीएम
फोटो संख्या-09 एकेबीपी-7 प्रमाण पत्र देते डीएम राकेश कुमार
फोटो संख्या-09 एकेबीपी-8 मुस्लिम जोड़े को प्रमाण पत्र देते डीएम