अमर उजाला ब्यूरो
कानपुर देहात। संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायतों के निस्तारण में खानापूरी की जा रही है। फरियादियों को पता भी नहीं चलता है और उनकी शिकायत का निस्तारण हो जाता है। पीड़ित प्रार्थना पत्र लेकर तहसील के चक्कर काटते रहते हैं।
अकबरपुर तहसील के संपूर्ण समाधान दिवस में मंगलवार (5.2.2018) को आए मंगटा गांव के जगदीश ने बताया कि छह माह पूर्व मत्स्य पालन के लिए तालाब का आवंटन हुआ था। छह हजार रुपये जमा कराकर रसीद भी दी गई थी। अभी तक आवंटन के दस्तावेज नहीं मिले हैं। दो बार संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायत कर चुके हैं लेकिन हाल नहीं निकला। कटेठी गांव की कुषमा देवी ने बताया कि पति राम विशाल के नाम प्रधानमंत्री आवास आवंटित हुआ है लेकिन अभी तक पैसा नहीं मिला। वीडीओ, बीडीओ के बाद पिछले महीने के पहले संपूर्ण समाधान दिवस में भी शिकायत की लेकिन निस्तारण नहीं हुआ। बिवाइन गांव की अफरोज बेगम ने कहा कि अपनी जमीन पर गांव का एक व्यक्ति निर्माण नहीं करने दे रहा है। पैमाइश के लिए संपूर्ण समाधान दिवस में दो बार शिकायत की लेकिन पैमाइश नहीं हुई।
रसूलपुर गोगूमऊ गांव के राजीव उर्फ छुन्नू ने बताया करीब पांच वर्ष पूर्व उसके पिता की मौत हो गई थी। ताऊ के बेटे ने उसे भी मृत दर्शाकर आठ बिस्वा जमी अपनी नाम करा ली। अपने को जिंदा साबित करने और कार्रवाई के लिए संपूर्ण समाधान दिवस में कई बार शिकायत कर चुका हूं लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। मैथा तहसील के मांडा मैथा गांव निवासी नीरज राठौर ने बताया कि पत्नी सुमनलता के नाम राशनकार्ड है, उसमें परिवार के सदस्यों के आधारकार्ड फीड नहीं हैं। जिससे राशन कम मिलता है, 18 दिसंबर को डीएम की अध्यक्षता में हुए संपूर्ण समाधान दिवस में की थी लेकिन समाधान नहीं हुआ। मैथा गांव के संजय कुमार ने बताया कि दो माह पहले उसने घर का कनेक्शन कराया था। विभाग ने उसे अलग-अलग धनराशि के दो बिल भेज रहा है। इसकी शिकायत पिछले संपूर्ण समाधान दिवस में करने क बाद भी समस्या का निराकरण नहीं हुआ। इस बार भी शिकायत दर्ज कराई है।
अकबरपुर तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस दौरान पहुंचे कमिश्रर सुभाष चंद्र शर्मा ने लंबित शिकायतों के बावत छानबीन की जिसमें कुल 28 शिकातयें लंबित मिली। एसओ गजनेर व रूरा की एक-एक, बीडीओ सरवनखेड़ा की 4, पूर्ति निरीक्षक की 6, एसडीओ विद्युत रनियां की 4, एसडीओ पुखरायां की 7, ईओ अकबरपुर की 5 इन शिकायतें लंबित पाए जाने पर सभी को समय से निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में गुणवत्ता से समझौता न किया जाए। शिकायतकर्ता के नंबर पर काल करके गुणवत्ता की औचक जांच की जाएगी। लापरवाही पाई गई तो कार्रवाई तय है।
संपूर्ण समाधान दिवस में अकबरपुर पहुंचे कमिश्रर के तेवर देख कर्मियों को पसीना आ गया। वरासत दर्ज करने के मामले में लापरवाही करने पर लेखपाल को चेतावनी दी। मंडलायुक्त सुुभाष चंद्र शर्मा व आईजी आलोक सिंह ने शिकायते सुनीं। उस्मानपुर जमरेही के हाकिम सिंह ने बताया कि करीब पांच वर्ष पूर्व उसके पिता छोटेलाल की मौत हो गई थी। पिता के नाम कौसम गांव में ढाई बीघे जमीन थी। उनकी मौत के बाद भी लेखपाल की लापरवाही से वरासत दर्ज नहीं हुई। मंडलायुक्त ने कड़ी नाराजगी जता लेखपाल गिरजेश परिहार को बुलाया और तत्काल वरासत दर्ज करने के निर्देश दिए। अकबरपुर के दिनेश चंद्र ने मंडलायुक्त को बताया कि पेंशन रिवाइज के लिए वह कई महीने से तहसील के चक्कर काट रहे हैं। इससे खफा रजिस्ट्रार कानून गो बलवीर को उन्होंने मौके पर बुलाकर कड़ी फटकार लगा कार्रवाई की चेतावनी दी तथा तत्काल शिकायत निस्तारण के निर्देश दिए। कुल 217 शिकायतें आई जिसमें 4 का निस्तारण कर दिया गया। सबसे अधिक राजस्व की 74 शिकायतें रहीं। विकास की 53, पुलिस की 32, विद्युत की 21 शिकायतें रहीं।
डेरापुर मेंडीएम राकेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुए समाधान दिवस में 275 शिकायतें आईं, जिसमें 12 का मौके पर निस्तारण कराया गया। कस्बे के जावेद अहमद, असफाक, सलमान आदि ने शिकायत कर बताया कि नगर पंचायत डेरापुर के नाव घाट नदी की ओर जाने वाले पुराने पीडब्लूडी के मार्ग पर लोगों ने अवैध कब्जा कर लिया है जिससे आवागमन में परेशानी हो रही है। जिससे नगर पंचायत इंटरलाकिंग का काम नहीं करा पा रहा है। डीएम ने ईओ को अवैध कब्जा हटवाने का निर्देश दिया। यहां राजस्व 25, पुलिस 35, विकास 55, विद्युत 36, आपूर्ति 34 शिकायतें आईं। डीएम ने पुरानी लंबित शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए। एसपी राधेश्याम, एसडीएम दीपाली कौशिक, बीएसए संगीता सिंह, तहसीलदार रामस्वरूप, बीडीओ ज्ञानेंद्र मिश्रा आदि मौजूद रहे।
सिकंदरा में सीङीओ महेंद्र कुमार राय ने शिकायतें सुनीं, कुल 93 शिकायतें आई। सबसे अधिक विकास की 30 शिकायतें रहीं। राजस्व विभाग की 3 शिकायतों का मौके पर निस्तारण करा दिया गया। एसडीएम विजेता, तहसीलदार संजय कुमार कुशवाहा आदि मौजूद रहे। शिवली प्रतिनिधि के अनुसार मैथा तहसील में एडीएम प्रशासन पंकज वर्मा ने शिकायतें सुनीं। 86 में 5 शिकायतों का निस्तारण कराया गया। सर्वाधिक राजस्व की 35 शिकायतें रहीं। एसडीएम रामशिरोमणि, तहसीलदार रामशंकर, बीडीओ महेन्द्र प्रसाद शुक्ला, पीएचसी प्रभारी सिद्धार्थ पाठक मौजूद रहे। रसूलाबाद में एडीएम वित्त एवं राजस्व साहब लाल ने शिकायतें सुनीं। कुल 111 शिकायतें आई जिसमें 5 का मौके पर निस्तारण किया। राजस्व की 52, विकास की 16 व पुलिस से संबंधित 21 शिकायतें आईं। इस दौरान एसडीएम जेपी पांडेय, तहसीलदार अर्चना अग्रिहोत्री, प्रभारी निरीक्षक ललित कुमार आदि मौजूद रहे। मैथा तहसील में सहायक अभियंता लोक निर्माण व सहायक सहायक अभियंता विद्युत नहीं पहुंचे। इस पर एसडीएम ने कहा कि स्पष्टीकरण तलब किया जाएगा।