अमर उजाला ब्यूरो
कानपुर देहात। कोहरे ने सोमवार को भी सड़क और रेल यातायात को प्रभावित किया। सुबह 8 बजे तक सड़कों पर वाहन लाइटें जलाकर 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चले। ज्यादातर ट्रेनें देरी से चलीं। सर्दी के कारण स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति कम रही और बाजारों में दोपहर तक सन्नाटे की स्थिति रही। न्यूनतम तापमान 8.7 और अधिकतम 19.3 दर्ज किया गया।
ट्रेनें लेट होने से दिल्ली हावड़ा रूट पर मैथा, रूरा, अंबियापुर, झींझक स्टेशनों पर यात्रियों को घंटो इंतजार करना पड़ा। झींझक प्रतिनिधि के अनुसार फंफूद कानपुर मेमो एक घंटे, शिकोहाबाद कानपुर मेमो दो घंटे टूंडला कानपुर मेमो एक घंटा, मुरी एक्सप्रेस तीन घंटे, महानंदा एक्सप्रेस अनिश्चित कालीन लेट रही। अप लाइन की कानपुर टूंडला मेमों दो घंटा, दोपहर 4 बजे आने वाली कानपुर टूंडला मेमों एक घंटे, अप लाइन की मुरी एक्सप्रेस चार घंटे, महानंदा एक्सप्रेस अनिश्चित कालीन देरी से चल चली। नसीरपुर के दीपक सिंह, किशौरा के सुनीत, शाहपुर के जितेंद्र, रामपुर के शैलेंद्र आदि ने बताया की कानपुर जाने के लिए स्टेशन आया थे, ट्रेनें लेट होने के कारण घंटों ठिठुरना पड़ा।
स्टेशन मास्टर रवि वर्मा ने बताया की कोहरे के कारण प्रत्येक स्टेशन के बीच लगे फाग सिग्नल चालू हैं। ट्रेनों को धीमी गति से गुजारा जा रहा है। सर्दी केे कारण स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति कम रही। संदनपुर प्रतिनिधि के अनुसार उच्च प्राथमिक स्कूल खालागांव में केवल 18 बच्चे ही आए। इसी तरह हथोमा उच्च प्राथमिक स्कूल में 62 में 22 बच्चे ही पहुंचे। स्कूलों में बच्चे, शिक्षक और बाजारों में लोग अलाव तापते रहे। छोटा चौराहा, बड़ा चौराहा, नहर पुल, स्टेशन रोड, रेल बाजार, झींझक रूरा रोड, बस स्टाफ खमहेला रोड सीएचसी समेत 21 जगह अलाव भी जलवाए गए हैं। अकबरपुर बाजार में शाम को 6 बजे के बाद ही सन्नाटा पसर गया।
सर्दी बढ़ने के साथ ही वायरल फीवर, खांसी, जुकाम, अस्थमा, टीबी के मरीजों की संख्या जिला अस्पताल में बढ़ गई है। पूर्व में जहां 400-500 मरीज जिला अस्पताल पहुंच रहे थे वहीं सोमवार को 661 मरीज जिला अस्पताल की ओपीडी में पहुंचे। जिला अस्पताल के चिकित्सक अवधेश कटियार बताते हैं कि सर्दी में दमा व पुराने टीबी के मरीजों को ज्यादा खतरा रहता है। सर्दी लगने से सांस उखड़ने की आशंका बढ़ जाती है। उन्होंने बताया कि पूर्व दिनों की तुलना में सोमवार को मरीजों की संख्या अधिक रही। उन्होंने बताया कि 250 मरीजों को देखा गया, जिनमें अधिकांश को सर्दी के कारण समस्या हुई थी।
सर्दी बढ़ने से स्कूलों में घटी बच्चों की संख्या
दूसरे दिन भी छाया रहा घना कोहरा, ज्यादातर ट्रेनें रहीं लेट
क्रासर
सड़क पर 10 से 15 किमी की रफ्तार से चले वाहन
फोटो संख्या 04एकेबीपी3- झींझक स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार करते यात्री
फोटो संख्या 04एकेबीपी4- घने कोहरे में लाइट जलाकर हाईवे पर रेंगते वाहन
फोटो संख्या 04एकेबीपी5- पूर्व माध्यमिक विद्यालय खाला गांव में अलाव तापते बच्चे