प्रस्ताव पर जांच-पड़ताल की औपचारिकता पूरी करते हुए 30 मई 2023 को एसडीएम ने स्वीकृति दे दी। प्रस्ताव में शामिल 71 काश्तकारों को कृषि आवंटन पट्टा मिल गया जबकि, गांव के 14 भूमिहीन परिवार भूमिहीन ही रहे। 71 लोगों को किए गए पट्टा की पत्रावली को डीएम एमपी सिंह ने संज्ञान लिया। एडीएम प्रियंका सिंह से जांच कराई तो, कृषि आवंटन पाए लोग अपात्र मिले।
2023 को दी गई स्वीकृति और प्रस्ताव को खारिज कर दिया
वहीं, 14 पात्र आवंटन से वंचित पाए गए। डीएम ने मामला अपने न्यायालय में तलब कर लिया। इस पर कृषि आवंटन पाए मनोज कुमार, अरुण, बनवारी लाल आदि ने आपत्ति दाखिल कर खुद को पात्र और प्रस्ताव सही बताया। डीएम ने प्रस्ताव और जांच रिपोर्ट के परीक्षण बाद एसडीएम की ओर से 30 मई 2023 को दी गई स्वीकृति और प्रस्ताव को खारिज कर दिया है।
केस- एक
नाम: प्रेमावती पत्नी राजाराम, निवासी भटपुरवा मजरा फरीदापुर
पैतृक भूमि की वरासत होने की प्रक्रिया पूरी होने के कारण इन्हें भूमिहीन दर्शा दिया गया। भूमि प्रबंध समिति ने इनके नाम से कृषि आवंटन का प्रस्ताव स्वीकृत करा दिया।
केस- दो
नाम: सुरेश पाल इनकी पत्नी संगीता, श्रीराम इनकी पत्नी सावित्री निवासी रोजिहाई मजरा फरीदापुर
सभी के नाम से राजस्व अभिलेखों में भूमि दर्ज है। इन दंपती के पास भूमि होने के बाद भी इन्हें भूमिहीन बताते हुए कृषि आवंटन के पट्टा दिए गए।
केस- तीन
नाम: सुनील कुमार और इनकी पत्नी सावित्री निवासी फरीदापुर
दंपती के पास स्वयं की भूमि होने के बाद भी राजस्व विभाग के जिम्मेदारों ने कृषि आवंटन का पट्टा कर दिया।
भूमिहीनों को पट्टा ने देकर भूमि प्रबंध समिति और तहसील के अधिकारियों ने उप्र राजस्व संहिता, 2006 की धारा-126 का उल्लंघन किया है। संहिता की धारा-128 का पालन कराते हुए भूमि प्रबंध समिति के नौ दिसंबर 2022 के प्रस्ताव और एसडीएम की 30 मई 2023 को दी गई स्वीकृति को खारिज कर दिया गया है। इस मामले में तत्कालीन एसडीएम, तहसीलदार सहित पांच लोगों पर कार्रवाई की संस्तुति भी की गई है। -मंगला प्रसाद सिंह, जिलाधिकारी
अपात्रों को कृषि आवंटन में यह अधिकारी कार्रवाई की जद में आए
तहसील सदर के फरीदापुर में 71 अपात्रों को कृषि पट्टा आवंटन के मामले में डीएम एमपी सिंह ने तत्कालीन सदर एसडीएम स्वाति शुक्ला (वर्तमान में फर्रुखाबाद एडीएम न्यायिक), तत्कालीन तहसीलदार डॉ. प्रतीत त्रिपाठी, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और लेखपाल पर कार्रवाई के आदेश एडीएम को दिए हैं। एडीएम प्रियंका सिंह ने बताया कि तत्कालीन एसडीएम व तहसीलदार, नायब तहसीलदार के विरुद्ध कार्रवाई के लिए शासन को भेजा जाएगा जबकि, राजस्व निरीक्षक और लेखपाल पर स्थानीय स्तर पर कार्रवाई की जाएगी।