कानपुर। कुशाग्र की हत्या से 15 दिन पहले उसकी ट्यूशन टीचर रचिता वत्स ने प्रभात के साथ घर की रेकी की थी। छोटा बेटा सूरत में पढ़ता है, लेकिन अभियुक्तों से उसकी सुरक्षा को खतरा है, इसलिए स्कूल का नाम नहीं बता सकती। यह बातें कुशाग्र की मां सोनिया कानोडिया ने जिरह के दौरान कोर्ट में कही। शनिवार को भी जिरह जारी रहेगी।
कपड़ा कारोबारी मनीष कानोडिया के बेटे कुशााग्र की 30 अक्तूबर 2023 को अपहरण के बाद हत्या हो गई थी। मुकदमे में कुशाग्र की ट्यूशन टीचर रचिता वत्स, प्रभात शुक्ला और शिवा गुप्ता आरोपी हैं। शुक्रवार को अपर जिला जज 11 सुभाष सिंह की अदालत में चल रहे मुकदमे में रचिता के अधिवक्ता श्रीकांत दीक्षित की ओर से कुशाग्र की मां सोनिया कानोडिया से जिरह की गई। एक सवाल के जवाब में कहा कि पहले ट्यूटरिंग सर्विसेज कंपनी के जरिये रचिता घर आई थी, लेकिन बाद में कंपनी को छोड़कर सीधे रचिता को ट्यूशन पढ़ाने के लिए नियुक्त कर लिया था। फिरौती का पत्र देने वाला जब रचिता की स्कूटी से आया तभी रचिता पर शक हो गया था। एडीजीसी भास्कर मिश्रा ने बताया कि कई घंटों तक सोनिया की जिरह चली लेकिन पूरी नहीं हो सकी। शनिवार को आगे की जिरह होगी। प्रभात और शिवा के अधिवक्ता जिरह पूरी कर चुके हैं।