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दो साथियों के साथ दूतावास लाया गया अवनीश

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अमर उजाला ब्यूरो
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हरदोई। मर्चेंट नेवी में नौकरी के झांसे में फंसे सेवानिवृत्त सुबेदार का पुत्र गुरुवार की शाम को किसी तरह दक्षिण अफ्रीका स्थित भारतीय दूतावास पहुंच गया। दूतावास से ही जब अवनीश ने अपने पिता से बात की तो उन्होंने राहत की संास ली। फोन पर वार्ता के बाद पिता ने उसे जल्द ही वहां से भारत भेजे की कार्रवाई होने की बात कही है।
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जिले के थाना सांडी के ग्राम तडौरा पोस्ट बम्टापुर निवासी रामकुमार यादव थल सेना में सूबेदार रहे हैं। वह 31 जुलाई 2015 को सेवामुक्त हुए। रामकुमार ने बताया कि उनके बेटे अवनीश को मर्चेंट नेवी में नौकरी दिलाने के नाम पर लखनऊ के विकास नगर निवासी एक एजेंट ने उनसे पहले ढाई लाख रुपये लिए। फिर 18 फरवरी क ो लखनऊ से बांबे बाई एयर भेजा गया। वहां उसे एक माह उसे रखने के बाद दक्षिण अफ्रीका के घाना भेज दिया गया। उसे एक बंद शिप में रखा गया था। रामकुमार ने जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक से लेकर मुख्यमंत्री के पोर्टल पर अपने बेटे को वापस लाने की गुहार की थी। उधर शिप में बंद अन्य लोगों ने भी किसी तरह वहां के दूतावास तक अपनी बात पहुंचाई। बकौल रामकुमार, उनके पास दक्षिण अफ्रीका स्थित भारतीय दूतावास से गुरुवार की शाम को अवनीश का फोन आया। उसने बताया कि उसके साथ दो अन्य साथी भी हैं जो भारत के ही हैं। उन सभी को भारत भेजे जाने के लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है। फिलहाल उसने अब खुद को अब खतरे से बाहर बताया है।
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दूतावास पहुंचने के बाद पिता से हुई फोन पर बात
अवनीश ने बताया कि उसके जैसे कई लोग दक्षिण अफ्रीका में फंसे
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