कानपुर। सबसे बड़ी साइबर ठगी 5600 करोड़ के खुलासे के बाद अब बैंक अधिकारी भी पुलिस की रडार पर हैं। पुलिस उन सभी 14 बैंकों के अधिकारियों को नोटिस भेजने की तैयारी में है, जहां-जहां के खातों में रकम का अवैध लेनदेन हुआ है। पुलिस का कहना है कि नोटिस के जवाब से संतुष्ट न होने पर कुछ अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर कराई जा सकती है।
पूर्व में साइबर ठगी के मामले में कई बैंक अधिकारियों पर कार्रवाई हो चुकी है। इस बार रकम काफी बड़ी है तो कार्रवाई के जद में आने वाले बैंक कर्मियों व अधिकारियों की संख्या भी बढ़ सकती है। शाहवेज वारिस के गिरोह के 14 बैंकों के 76 खातों की जानकारी मिली थी। साइबर सेल पिछले तीन साल में हुए ट्रांजेक्शन की डिटेल निकाल रही है। जिन बैंकों को नाम सामने आया था उसमें आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, बंधन बैंक, कोटेक महिंद्रा बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक समेत कई अन्य बैंक शामिल हैं।
इनमें से अधिकतर बैंक चमनगंज, ग्वालटोली और बेकनगंज में हैं। साइबर सेल के अधिकारियों ने बताया कि इन बैंकों के शाखा प्रबंधकों को नोटिस भेजा जाएगा। अधिकारियों से पूछा जाएगा कि खातों में इतनी बड़ी रकम का ट्रांजक्शन होता रहा, बैंकों के जिम्मेदारों ने कभी केवाईसी कराई कि नहीं। खाता धारकों से कितनी बार रकम के बारे में पूछताछ हुई। इन सबका संतुष्ट जवाब न मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर साइबर सेल के अधिकारियों ने बताया कि शाहवेज के 11 खातों में करीब 170 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन सामने आया है। यह सभी खाते फर्जी नाम व पतों से खोले गए थे, लेकिन इनका संचालक शाहवेज खुद करता था। इन खातों की पूरी डिटेल अभी बैंकों ने नहीं दी है। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल का कहना है कि जिसकी भी भूमिका गलत मिलेगी, उस पर कार्रवाई की जाएगी।