अमर उजाला ब्यूरो
शुक्लागंज। राजधानी मार्ग स्थित सेंट्रल बैंक में खाताधारकों से जालसाजी थमने का नाम नहीं ले रही है। शनिवार को बैंक खाताधारक एक किसान के खाते से क्लोन चेक के माध्यम से 7.60 लाख रुपये एक निजी कंपनी के खाते में ट्रांसफर हो गए। चेक की क्लीयरिंग गाजियाबाद स्थित आंध्रा बैंक की शाखा से हुई है।
11 दिन के भीतर चौथी बार बैंक खाताधारकों के खाते से क्लोन चेक से लाखों रुपये निकल गए। बैंक कैशियर अम्रता ने बताया कि शाखा प्रबंधक एके पोरवाल के निर्देश पर शनिवार दोपहर बाद उन खातों को होल्ड (रुपये निकासी न होना) किया जा रहा था, जिनकी जमाराशि दो लाख से ऊपर है। इस दौरान बंबुरियां गांव निवासी किसान श्यामलाल के खाता संख्या- 3432621211 पर पड़ी। बैंक स्टेटमेंट चेक करने पर पता चला कि 10 अगस्त को गाजियाबाद स्थित आंध्रा बैंक से किसी अक्षय इंटरप्राइजेज को चेक से 7.60 लाख रुपये ट्रांसफर हुए। कंपनी का पता 140 गली नंबर-6 प्रताप विहार गाजियाबाद का पता लिखा है। कैशियर ने
बताया कि तत्काल उन्होंने मामले की जानकारी बैंक मैनेजर को दी। जिसके बाद खाताधारक किसान से संपर्क किया गया। किसान ने बताया कि उसने कोई चेेक बुक जारी नहीं कराई और न ही हाल में इतनी बड़ी रकम निकाली। बैंक मैनेजर एके पोरवाल का कहना है कि विभागीय जांच चल रही है। जिन बैंकों से चेक क्लीयर हुए उन बैंकों को क्लेम देने के लिए नोटिस भेजा जा चुका है।
बैंक का कोई न कोई कर्मचारी है शामिल
कोतवाली प्रभारी संजय पांडे ने बताया कि वह गोपनीय तरीके से भी मामले की जांच करा रहे हैं। लेकिन जिस तरह से एक के बाद एक मामले उजागर हो रहे है और खातों से रुपये निकलने का एक सामान तरीका यह जाहिर कर रहा है कि कोई न कोई बैैंक कर्मी जालसाजी में शामिल है। जल्द ही मामलों का पता चलेगा।
11 दिनों के अंदर चार खाता धारकों के कुल 72.40 लाख रूपये निकल चुके है। जिसमें अहमद नगर निवासी इरफ ान के 37.65 लाख, गड़रियन पीपरखेड़ा निवासी रूपलाल के खाते से 19.50 लाख, महेश मार्ग के योगेश के खाते से 7.65 लाख और बंबुरिया गांव के रहने वाले श्याम लाल के 7.60 लाख रूपये खाते से निकल चुके है।
सेंट्रल बैंक के खाताधारक योगेश, इरफ ान के पिता फ ारूकी और रूपलाल का कहना है कि यदि पुलिस बैंक कर्मचारियों पर शिकंजा कसे तो सब दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। जो भी कर्मचारी हो उनके व उनके परिजनों के खातों की जांच के साथ मोबाइल कॉल डिटेल और संपत्तियों की जांच पुलिस करे।
एक और किसान के खाते से निकले 7.60 लाख
खातों को होल्ड करते समय कैशियर को फर्जीवाड़े का पता चला
गाजियाबाद स्थित आंध्रा बैंक की शाखा से चेक की हुई क्लीयरिंग