कानपुर में ठंड में तापमान के घटने, बढ़ने से दिल और दिमाग खतरे में पड़ रहा है। शनिवार को 12 लोगों की मौत हो गई। पांच लोगों की हार्ट अटैक, चार की ब्रेन अटैक और तीन मरीजों की सीओपीडी से जान चली गई। ब्रेन अटैक और ब्रेन हैमरेज के कई मरीजों को इमरजेंसी में भर्ती किया गया है।
उधर, निमोनिया भी बच्चों को जकड़ने लगा है। कई में स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण मिले हैं। दिन में जितनी तेज धूप हुई, रात में उतनी ही कड़ाके की ठंड पड़ी। शनिवार को न्यूनतम तापमान दो डिग्री लुढ़ककर चार डिग्री सेल्सियस पर आ गया।
हालांकि धूप के कारण अधिकतम तापमान में सात डिग्री का इजाफा हुआ और यह 16.6 डिग्री सेल्सियस रहा। 14 जनवरी तक न्यूनतम तापमान में और कमी आने की संभावना है। इसका असर कानपुर के अलावा बुंदेलखंड के कई और जनपदों पर पड़ेगा।
अगले तीन दिनों तक बारिश की उम्मीद नहीं है। मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार खुले आसमान की वजह से बर्फीली हवाओं का असर मैदानी क्षेत्र में अधिक पड़ रहा है। उत्तर-पश्चिम क्षेत्र के बर्फीले स्थानों से मैदानी क्षेत्र की तरफ हवाओं के तेजी से चलने का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। हवा की रफ्तार अभी 3.6 किमी प्रति घंटे है। दिन में धूप होने से हवा की नमी में कमी आई है। दिन में नमी तीन प्रतिशत और रात में 24 प्रतिशत कम हुई है।