फतेहपुर। नगर के कर्बला मैदान में सोमवार को तब्लीगी इज्तिमा शुरू हुआ। इसमें कई जिलों से आए उलमा ने लोगों को दीन की राह पर चलते हुए इंसानियत का पैगाम दिया। कुरान एवं हदीस की रोशनी में मौलानाओं ने नेक राह पर चलने सहित खुदा के हुक्म को हर हाल में मानने की हिदायत दी।
मौलाना जफरुल रहमान, मौलाना गजनफर अली, मौलाना जसीम, मौलाना शाहिद, मौलाना तौसीफ, मौलाना उबैदउल्लाह, मौलाना हाशिम ने कुरान ने तरीके से खुदा की बताई राह पर चलने की सीख दी। कहा कि जब आप सुधर जाएंगे तो लोग भी सुधर जाएंगे। इस बात पर जोर दिया गया कि दूसरों को उनका हक देना जरूरी है।
किसी का हक मारना बड़ा गुनाह है। मजलिस में मौलाना जफरुल रहमान ने कहा कि अल्लाह एक है। हर किसी का सम्मान करो। नेक राह पर चलो। पड़ोसी की हरहाल में बिना जात, मजहब, फिरका, नामो-नसब पूछे उसकी मदद करो। तकरीर में मुल्क से मुहब्बत और हिफाजत को महत्व दिया गया। नमाज को जरूरी बताते हुए इबादत के फायदे गिनाए गए।
इज्तिमे का मुख्य मकसद बताते हुए एक इंतजामाकर डॉ. अनीस कासमी ने बताया कि दहेज प्रथा, फिजूलखर्ची, दुष्कर्म, नशाखोरी, जुआ से दूर कर धर्म की राह पर चलते हुए अच्छा इंसान बनाना है। इस जोन में सात जिलों इलाहाबाद, कौशांबी, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, सुल्तानपुर और मिर्जापुर के तब्लीगी जमात के लोग आए हैं। मंगलवार को दोपहर तक समापन होगा। इस बीच तमाम लोग आगे जाकर धर्म के उपदेशक बनेंगे।
इस मौके पर पूर्व विधायक मोहम्मद सफीर, यासिर सफीर, मदरसा बैतूल उलूम के प्रमुख मोहम्मद कलीम, मोहम्मद शोएब, उमर उद्दीन, मोहम्मद अरशद, अमीन प्रधान, मो.आसिम अब्दुल कादिर भी रहे। फातिमा अस्पताल की ओर से डॉ रिजवान कासमी, डॉ अनीस कासमी आदि लोगों की तीमारदारी में दवाओं का स्टाल लगाया।
मोहम्मद अयूब की अगुवाई में मो. याकूब, फ़रीद अहमद, रशीद कुरैशी, जमीर उद्दीन, मोहम्मद फिरोज, महबूब आलम ने वालंटियर की भूमिका निभाई। जमात की ओर से खेत में सबमर्सिबल लगाया गया जिसे बाद खेत मालिक को दे दिया जाएगा। सभी सुविधाओं से लैस एक नगर बसाया गया है।