कानपुर देहात। कलक्ट्रेट सभागार में जिला नदी कायाकल्प समिति की बैठक हुई, जिसमें पांडु नदी को वास्तविक स्वरूप में लाने के लिए योजना बनाई गई। नदी के वर्तमान स्वरूप की ड्रोन कैमरे से वीडियोग्राफी कराई जाएगी। इसके बाद उसकी गहराई से लेकर चौड़ाई तक वास्तविक स्वरूप लौटने के लिए कार्ययोजना बनेगी।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए सीडीओ महेंद्र कुमार राय ने कहा कि शासन ने नदियों के संरक्षण के लिए निर्देश दिए हैं, जिसके तहत जिले में सबसे पहले पांडु नदी का जीर्णोंद्धार कराया जाना है। उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग की देखरेख में पूरा कार्य कराया जाएगा। सबसे पहले नदी के वीडियोग्राफी ड्रोन कैमरे से कराई जाएगी। इसके बाद नदी की वास्तविक गहराई का पता लगाकर उसमें जमा सिल्ट हटवाने का काम किया जाएगा। नदी के दोनों ओर पौधरोपण के लिए वन विभाग को कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए। नदी के एक किलोमीटर के दायरे में आने वाले तालाब झील आदि को नदी से जोड़ने के लिए काम किया जाएगा, जिससे ओवरफ्लो होने पर उनका पानी नदी में जा सके। तालाबों व झीलों से नदी तक नाला बनाए जाएंगे। इसके लिए पंचायती राज विभाग काम करेगा। जिन ग्राम पंचायतों के क्षेत्र में नदियों का हिस्सा आता है, वहां मनरेगा के श्रम बजट में नदियों के कार्य को शामिल कराने के लिए कहा गया। इसके साथ ही एसडीएम को निर्देश दिए गए कि उन गांवों की सूची उपलब्ध कराई जाए जहां पांडु निकली हो, उन ग्राम पंचायतों की बैठक कर नदियों के जीर्णोद्धार की योजना तैयार की जा सके। बैठक के दौरान डीडीओ अभिराम त्रिवेदी, डीएफओ ललित गिरि, अधिशासी अभियंता सिंचाई भूमि संरक्षण अधिकारी आदि समिति के सभी सदस्य मौजूद रहे।