महोबा। जनपद न्यायाधीश महताब अहमद ने गैर इरादतन हत्या के मामले में तीन भाइयों समेत चार लोगों को दोषी ठहराते हुए चार-चार साल की सजा सुनाई और पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। अदालत ने अभियुक्तों को पुलिस हिरासत में जेल भेज दिया।
थाना श्रीनगर के ग्राम इमलिया में 20 मई 2013 को गांव के ही दंगल सिंह प्राथमिक विद्यालय इमिलिया में राशन कार्ड बनवाने गए थे। जहां पर पहले से मौजूद हीरा सिंह, भूपेंद्र सिंह, लक्ष्मण सिंह पुत्रगण वीर सिंह व मुन्ना सिंह पुत्र हाकिम सिंह ने रंजिश के चलते दंगल सिंह को लाठी-डंडों से पीटकर घायल कर दिया। 16 जून 2013 को उपचार के दौरान दंगल सिंह की मौत हो गई थी।
मृतक के भतीजे मलखान सिंह ने चारों लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
शुक्रवार को जनपद न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के गवाह और बहस सुनने के बाद हीरा सिंह, भूपेंद्र सिंह, लक्ष्मण सिंह और मुन्ना सिंह को गैर इरादतन हत्या का दोषी ठहराते हुए चार-चार साल की सजा सुनाई। सरकार पक्ष की ओर से इस मुकदमे की पैरवी करते हए शासकीय अधिवक्ता प्रमोद पालीवाल और केशव सिंह राजपूत ने बताया कि अदालत ने अभियुक्तों पर पांच - पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर तीन-तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।