कानपुर।
आपदा से निपटने के लिए जल्द ही जिले में 100 आपदा मित्रों का चयन किया जाएगा। इसमें एनसीसी कैडेट्स, सिविल डिफेंस, होमगार्ड समेत अन्य सेवाओं से जुड़े लोगों को प्राथमिकता मिलेगी। आपदा मित्र परियोजना के तहत यह कवायद की जा रही है।
सरकार ने राज्य आपदा मोचक निधि से आपदा मित्र परियोजना संचालित करने का निर्णय लिया गया है। इसमें प्रदेश सरकार ने कानपुर, कानपुर देहात समेत सूबे के 48 जिलों को शामिल किया है। इन्हीं जिले से लोगों का चयन कर सूची शासन के पास भेजी जाएगी।
इसके बाद संबंधित लोगों को लखनऊ में 12 दिन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें आपदा प्रबंधन, आपदा पूर्व तैयारी, भूकंप सुरक्षा, खोज एवं बचाव, अग्नि सुरक्षा, बरसात के मौसम में बाढ़, आकाशीय बिजली, सीपीआर आदि की जानकारी दी जाएगी।
प्रशिक्षण के बाद आपदा मित्रों को किट भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इनमें फर्स्ट एड किट, लाइफ जैकेट, टार्च, सुरक्षा हेलमेट, लाइटर, बहु उपयोगी रस्सी, कटर, सीटी आदि होंगे। आपदा मित्र राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देशों पर समय-समय पर सेवाएं देंगे।
ये लोग स्थानीय स्तर पर पुलिस-प्रशासन के सहयोगी बनेंगे। आपदा मित्रों के लिए उम्र की सीमा 18 से 40 वर्ष तय हुई है। एडीएम वित्त विवेक चतुर्वेदी ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार 100 आपदा मित्रों का चयन किया जाना है।
इन जिलों में होगी आपदा मित्रों की भर्ती
कानपुर नगर, कानपुर देहात, अलीगढ़, हाथरस, मैनपुरी, गौतमबुद्धनगर, हमीरपुर, आगरा, इटावा, झांसी, बांदा, फतेहपुर चंदौली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, गोंडा, बस्ती, आंबेडकरनगर, अमेठी, हरदोई, सीतापुर, उन्नाव, रायबरेली, कन्नौज, जालौन, आजमगढ़, सुल्तानपुर, मऊ, फर्रुखाबाद, मुज्जफरनगर, हापुड़, बिजनौर, बदायूं, कासगंज, अयोध्या, मथुरा, चित्रकूट, जौनपुर, प्रतापगढ़, ललितपुर आदि।