कानपुर। जनपद को बाल श्रम मुक्त बनाने के लिए विशेष अभियान शुरू होगा। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने बुधवार को सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में जिला टास्क फोर्स के साथ बैठक कर 12 से 25 मार्च तक अभियान चलाने के निर्देश दिए। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश को 2027 तक बाल श्रमिकों से मुक्त किया जाए। इसी के तहत कानपुर मंडल को दिसंबर 2026 तक बाल श्रम मुक्त बनाने का लक्ष्य दिया गया है।
जिलाधिकारी ने बाल श्रम के खिलाफ कार्रवाई के लिए 10 विशेष टीमों का गठन किया है। ये टीमें 12 मार्च से होटल, ढाबे, वर्कशॉप, कारखानों और अन्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर बाल श्रमिकों की पहचान करेंगी। अभियान की समीक्षा 27 मार्च को होगी। सहायक श्रम आयुक्त राम लखन पटेल ने बताया कि अभियान को प्रभावी बनाने के लिए श्रम विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ सभी उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, बीएसए, बीईओ, बीडीओ और सहायक विकास अधिकारी को निरीक्षक नामित किया गया है।
इससे विभिन्न क्षेत्रों में सघन जांच की जाएगी। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि चिह्नित बाल और किशोर श्रमिकों की सूची शिक्षा विभाग को उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि उनका शैक्षिक पुनर्वास सुनिश्चित किया जा सके। बैठक में अपर जिलाधिकारी (नगर) राजेश कुमार, जॉइंट मजिस्ट्रेट एवं उपजिलाधिकारी सदर अनुभव सिंह, बीएसए सुरजीत सिंह, बीडीओ और बीईओ उपस्थित रहे।