अनुशासनहीनता में एचबीटीआई के 10 स्टूडेंट्स को कैंपस सेलेक्शन से रोक दिया गया है। इससे स्टूडेंट्स परेशान हैं। स्टूडेंट्स का कहना है कि आपसी मारपीट को लेकर इतना बड़ा दंड देना ठीक नहीं है।
इन स्टूडेंट्स ने मामले में प्रमुख सचिव प्राविधिक शिक्षा से हस्तक्षेप कर कैंपस सेलेक्शन से रोक हटाने की मांग भी की है।
एचबीटीआई के कल्चरल और टेक्निकल फेस्ट ‘ओडिशी 2014’ में स्टूडेंट्स के बीच मारपीट हो गई थी। इसकी जांच प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने की और बीटेक फाइनल ईयर के करीब 10 स्टूडेंट्स को दोषी माना।
कुछ स्टूडेंट्स को हॉस्टल से सस्पेंड कर दिया गया। साथ ही सेमेस्टर और प्रैक्टिकल एग्जाम देने पर रोक लगा दी गई। चीफ प्रॉक्टर ने कहा कि अनुशासनहीनता रोकने के लिए सख्त कार्रवाई जरूरी है।
प्लेसमेंट इंचार्ज डॉ. अनीता यादव ने बताया कि चीफ प्रॉक्टर का इस आशय का आदेश मिल चुका है, जिसमें कि करीब 10 स्टूडेंट्स को डिबार किया गया है। इसका अनुपालन कराया जाएगा।
डिबार किए गए तमाम स्टूडेंट्स ऐसे हैं, जो कि कुछ राउंड का कैंपस प्लेसमेंट पास कर चुके हैं। अब सबको प्लेसमेंट प्रक्रिया में हिस्सा लेने से रोक दिया गया है।
शहीद के बेटे का भी कराया जाएगा कैंपस सेलेक्शन
एचबीटीआई के 180 स्टूडेंट्स को जॉब मिल चुकी है। यहां का सर्वाधिक सालाना वेतन पैकेज नौ लाख रुपये रहा है। प्लेसमेंट अधिकारी डॉ. अनीता यादव ने बताया कि अभी सेमेस्टर एग्जाम चल रहा है, फिर प्रैक्टिकल होगा।
इसके बाद कैंपस सेलेक्शन की प्रक्रिया दोबारा शुरू की जाएगी। इस बार के कैंपस सेलेक्शन में नक्सली हमले में शहीद डिप्टी कमांडेंट बीएस वर्मा के बेटे रवि वर्मा का सेलेक्शन भी कराया जाएगा।
रवि वर्मा एचबीटीआई के आईटी ब्रांच में फाइनल ईयर के स्टूडेंट हैं।