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UP: सेक्सटार्शन व साइबर ठगी करने वाले 10 शातिर दबोचे, लोगों पर अश्लील वीडियो देखने के आरोप लगा करते थे ठगी

Sat, 11 Jul 2026 07:35 PM IST
Shikha Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर देहात

सार

स्वयं को पुलिस या विजिलेंस अधिकारी बता लोगों पर अश्लील वीडियो देखने के आरोप लगा ठगी करते थे। यूपीआई की जगह गेमिंग एप की आईडी के जरिये रुपये वसूलते थे।
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10 शातिर दबोचे गए - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जनपद में बैठकर देश के अलग-अलग हिस्से में रहने वाले लोगों से सेक्सटार्शन व साइबर ठगी करने वाले 10 शातिरों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनके पास से साइबर ठगी व सेक्सटार्शन में प्रयोग किए गए मोबाइल फोन व सिम कार्ड बरामद किए हैं। एसपी श्रद्धा नरेंद्र पांडेय ने बताया कि लगातार जनपद में साइबर ठगी के मामले बढ़ रहे थे।
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साइबर ठगों को पकड़ने के लिए 12 टीमों का गठन कर अभियान चलाया गया। शुक्रवार रात से लेकर शनिवार सुबह तक कुल 10 साइबर ठग गिरफ्तार किए गए हैं। इनमें से अकबरपुर थाना क्षेत्र के ज्योतिष निवासी सूरज, राजेश कुमार को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से सात मोबाइल, पांच सिम कार्ड, 1500 रुपये बरामद किए गए। गजनेर थाना क्षेत्र में कैलाश नगर निवासी शिवम, विजय नगर निवासी रजनीश सिंह, गोरे, चंद्रनगर निवासी हरिओम, फत्तेपुर रोशनाई निवासी राहुल सिंह को पड़का गया। इनके पास से 11 मोबाइल, पांच सिम कार्ड, 9200 रुपये बरामद किए। वहीं, रनियां थाना क्षेत्र के आर्यनगर प्रथम निवासी अंकित चौहान, सर्वेश, जय सिंह उर्फ चुम्मी को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से पांच मोबाइल 3700 रुपये व एक बाइक बरामद की गई है।

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि साइबर ठगी के लिए वह प्री एक्टिवेटेड सिमों का इस्तेमाल करते थे। फोन पर आरोपी देश के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले लोगों को कॉल कर सरकारी योजना का लाभ दिलाने, धनराशि दोगुनी कराने का लालच देकर साइबर ठगी करते थे। साथ ही स्वयं को पुलिस या विजिलेंस अधिकारी बताकर लोगों को अश्लील/पोर्नोग्राफी वीडियो देखने का झूठा आरोप लगाकर भयभीत करते थे। बाद में जेल भेजने की धमकी देकर उनसे रुपयों की मांग करते थे।

 
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आरोपी पुलिस की गिरफ्त में न आएं इसके लिए वह पीड़ितों से धनराशि सीधा बैंक खातों में लेने की जगह महादेव ऐप, अन्ना रेड व इस्टामैच जैसे ऑनलाइन गेमिंग एप की फर्जी आईडी के क्यूआर कोड भेजकर रुपये ट्रांसफर कराते थे। जिसे बाद में एप से निकाल कर आपस में बांट लेते थे। इससे वह पकड़ में नहीं आते थे। साथ ही पुलिस की नजर से बचने के लिए मोबाइल व सिम कार्ड बदलकर घटनाओं को अंजाम दे रहे थे। पुलिस सर्विलांस की टीम ने इनके रिकार्ड खंगाल कर इन तक पहुंच सकी।

साइबर ठगी के बढ़ते मामलों को देखते हुए ठगों को पकड़ने के लिए 12 टीमों का गठन किया गया था। टीम ने 10 साइबर ठग पकड़े हैं। यह अपने छोटे-छोटे गिरोह बनाकर साइबर ठगी व सेक्सटार्शन को अंजाम दे रहे थे। इनके खिलाफ अकबरपुर, रनियां व गजनेर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। पकड़े गए साइबर ठगों के अन्य साथियों का भी पता लगाया जा रहा है। साइबर ठगों को पकड़ने का अभियान लगातार जारी रहेगा। - श्रद्धा नरेंद्र पांडेय, एसपी

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