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UP: एसएनके प्रतिष्ठानों में मिली 10 करोड़ की हेराफरी, आठ साल में बना ली धाक, कोविड काल में बुलंदी पर पहुंचे

Tue, 22 Oct 2024 12:17 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: एसएनके समूह का पानमसाला अब ग्रीन्सवर्थ इंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बनाती है। यह कंपनी 11 जून 2021 को बनाई गई। इस कंपनी का टर्नओवर 2021-22 में 90 करोड़ से ज्यादा रहा, 2022-23 में 125 करोड़ से ज्यादा और 2023-24 में 115 करोड़ से ज्यादा रहा है।
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kanpur raid - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर में जीएसटी इंटेलीजेंस महानिदेशालय डीजीजीआई लखनऊ, गुरुग्राम और दिल्ली की टीमों की ओर से एसएनके पानमसाला के प्रतिष्ठानों पर मारे गए छापे में 10 करोड़ से ज्यादा का हेरफेर मिला है। कंपनी संचालक की ओर से सात करोड़ रुपये जमा कराए गए हैं। वहीं, छापे के बाद अफसरों ने पनकी स्थित फैक्टरियों के परिसर को सील कर दिया था, जिसे अब खोल दिया गया है।

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अफसरों ने कंपनी के बनने से लेकर अब तक के खरीद-बिक्री कर ब्योरा तलब किया है। डीजीजीआई की टीमों ने एसएनके पान मसाला के 12 परिसरों पर छापे मारे थे। ये कार्रवाई कानपुर, बरेली, नोएडा, जालौन और हमीरपुर में की गई थी। जांच की जद में डीलर, सेल्स डिस्ट्रीब्यूटर, मार्केटिंग और आवास को लिया गया था। जांच अधिकारियों ने निदेशक नवीन कुरेले के आवास सहित पनकी स्थित इकाई, गोदाम, लेटेक्स केमिकल और कच्चा माल सप्लाई करने वाले व्यापारियों से भी पूछताछ की गई थी।
कर अपवंचना से जुड़े दस्तावेज और करीब 80 लाख रुपये कैश सीज किया गया था। फाॅरेंसिक डाटा से जांच की गई थी। पनकी स्थित दो फैक्टरियों में बड़े पैमाने पर तैयार, कच्चा माल और रैपर की खरीद-बिक्री के दस्तावेज न मिलने पर दोनों फैक्टरियों के परिसर को सील कर दिया गया था। एक परिसर में एसएनके और दूसरे में गगन ब्रांड नाम से पान मसाला बनता है। संभवता शहर में ये पहला मामला था। जब किसी पानमसाला कारोबारी की फैक्टरियों को सील किया गया था।

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आठ साल में बना ली धाक, कोविड काल में बुलंदी पर पहुंचे
पहले आयकर, सीजीएसटी, एसजीएसटी और अब डीजीजीआई के निशाने पर आए एसएनके पानमसाला ब्रांड ने आठ साल में कारोबार में धमक बना ली। कोविड काल में कारोबार बुलंदी पर पहुंच गया। इस दौरान पहले एसजीएसटी और बाद में आयकर विभाग ने छापा मारा था। तब भी करोड़ों की टैक्स चोरी पकड़ी गई थी। समूह का दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद में रियल एस्टेट का बड़ा कारोबार है।

2018-19 में लांच किया गया था एसएनके ब्रांड
कुरेले परिवार मूल रूप से उरई के कोंच का रहने वाला है। एसएनके ब्रांड के संचालक प्रवीण और नवीन कुरेले हैं। इनके परिवार से जुड़े अन्य लोग कॉलेज, प्लास्टिक और अन्य कारोबार से जुड़े हैं। परिवार 1993-94 से पानमसाला के कारोबार में है। तब शहर में एक से बढ़कर एक ब्रांड थे। उस दौरान इनका किसान ब्रांड से पानमसाला बनता था। इसके बाद 2018-19 में एसएनके ब्रांड लांच हुआ।

असली चमक कोरोना काल में देखी
नया ब्रांड होने और बाद में सस्ता होने से चमक बढ़ती गई। असली चमक कोरोना काल में देखी गई। लॉकडाउन के चलते अन्य राज्यों का माल शहर में आना बंद या कम हुआ, तो एसएनके की मांग बढ़ती चली गई। इस दौरान एसएनके पान मसाला अन्य ब्रांडों की तुलना में कम कीमत पर मिलता था। ग्रामीण क्षेत्र में एक के साथ दो पानमसाला बेचा गया।

समूह का टर्नओवर पांच सौ करोड़ के करीब था
अब भी इसके दाम अन्य ब्रांड की तुलना में कम हैं। 12 जुलाई 2021 को जब कोरोना काल था। तब एसजीएसटी की टीम ने छापा मारा था और करोड़ों की कर चोरी पकड़ी थी। इसके बाद 29 जुलाई को आयकर विभाग ने देशव्यापी छापा मारा था। शहर स्थित कंपनी पहले एजे सुगंधी नाम से संचालित थी। आयकर छापे के दौरान समूह का टर्नओवर पांच सौ करोड़ के करीब था। यह जानकारी छापे के दौरान अफसरों को मिली थी।

11 जून को बनीं ग्रीन्सवर्थ इंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड
समूह का पानमसाला अब ग्रीन्सवर्थ इंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बनाती है। यह कंपनी 11 जून 2021 को बनाई गई। इस कंपनी का टर्नओवर 2021-22 में 90 करोड़ से ज्यादा रहा, 2022-23 में 125 करोड़ से ज्यादा और 2023-24 में 115 करोड़ से ज्यादा रहा है। 2024-25 में 55 करोड़ से ज्यादा का टर्नओवर हो चुका है। इसके अलावा समूह ने एक जुलाई 2023 को गोल्ड बाल फूड स्लाइन प्राइवेट लिमिटेड नाम से एक कंपनी बनाई, जो तंबाकू का कारोबार करती है। 2023-24 में इस कंपनी ने 18 करोड़ के करीब कारोबार किया।
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तो मिल गई थी छापे की सूचना
सूत्रों ने बताया कि जिस स्तर से विभाग ने छापे की कार्रवाई की थी। उसे बड़े पैमाने पर कर चोरी मिलने का अनुमान था, लेकिन मुखबिरी होने से पहले ही स्टॉक और कैश आदि को इधर-उधर कर दिया गया। इसके चलते ही टीम ने डीलरों पर भी कार्रवाई की थी, लेकिन अपेक्षित सफलता नहीं मिली।
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