कन्नौज। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट ने गुरुवार को नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में दोषी युवक को तीन साल की सजा सुनाई है। साथ ही 20 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न देने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
थाना विशुनगढ़ क्षेत्र निवासी पीड़िता के पिता ने छह मई 2023 को थाने में तहरीर दी थी। आरोप था कि तालग्राम थाना क्षेत्र के ग्राम कूकापुर गोविंदपुर निवासी सुमित उसकी 16 वर्षीय पुत्री को बहला-फुसलाकर ले गया है। पुलिस ने इस आधार पर नौ मई को प्राथमिकी दर्ज की। विवेचना के बाद आठ अगस्त 2023 को न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। मामले में अपहरण और दुष्कर्म सहित पॉक्सो एक्ट की धाराओं में मुकदमा चला।
अभियोजन पक्ष की ओर से छह गवाह पेश किए गए और 10 साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी कि रंजिश के कारण झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया है, युवक निर्दोष है। दोनों पक्षों की बहस सुनने और साक्ष्यों के अवलोकन के बाद अदालत ने सुमित को अपहरण के मामले में दोषी पाया। न्यायालय ने अपहरण के मामले में तीन साल के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं, साक्ष्यों के अभाव में दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के आरोप से बरी कर दिया।
विशेष न्यायाधीश पॉक्सो ने अपने फैसले में कहा कि नाबालिग को संरक्षक की अनुमति के बिना ले जाना गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में सख्त सजा जरूरी है ताकि समाज में संदेश जाए। सजा सुनाए जाने के बाद दोषी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।