खड़िनी। वैवाहिक विवाद और दहेज उत्पीड़न के मुकदमे से मानसिक तनाव में चल रहे एक युवक ने फरीदाबाद में फंदा लगा लिया। बुधवार शाम शव पैतृक गांव रूपपुर पहुंचते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई।
सौरिख थाना क्षेत्र के ग्राम रूपपुर निवासी अतुल प्रताप (30) फरीदाबाद के बल्लभगढ़ थाना स्थित एक निजी कंपनी में नौकरी करते थे। चचेरे भाई राजप्रताप ने बताया कि अतुल की शादी पांच वर्ष पहले हरदोई जिले के कछौना थाना क्षेत्र बालामऊ के गांव लालपुर निवासी नारायण सिंह की पुत्री गायत्री देवी से हुई थी। साढ़े तीन वर्ष पहले पत्नी नाराज होकर मायके चली गई थी। इसके बाद उसने दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया, जिसकी 28 जुलाई को हरदोई न्यायालय में तारीख थी।
वह अतुल के साथ एक ही कमरे में रहता था। मंगलवार रात अतुल काफी देर तक मोबाइल पर किसी से बातचीत करते रहे। इसके बाद वह अंदर वाले कमरे में चले गए और कुंडी बंद कर ली। काफी देर तक बाहर नहीं आने पर साथियों की मदद से छत के रास्ते कमरे में पहुंचे तो अतुल फंदे से लटके मिले थे। परिजनों के अनुसार अतुल के पिता वीरपाल सिंह का चार वर्ष पहले निधन हो चुका है। वह परिवार के इकलौते पुत्र थे। उनकी तीन बहनें वर्षा, शिवानी और रश्मि की शादी हो चुकी है। परिवार में मां मुन्नी देवी और तीन वर्षीय बेटी आशी हैं।