फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गिरवी न छुड़ा पाओ तो खाते में रुपये डलवाओ

Thu, 08 Dec 2016 11:10 PM IST
अमर उजाला ब्यूराो/कन्नौज
विज्ञापन
Notebandi
विज्ञापन
कर्जा नहीं चुका रहे तो व्यवहार ही निभाओ। सोनारों ने काला धन सफेद करने की नई तरकीब निकाली है। जिन्होंने सोने-चांदी के जेवरात स्वर्णकारों के पास गिरवी रख पैसा लिया है। अब स्वर्णकार उनसे ब्याज न चुका पाने पर रुपये बैंक में जमा करवाने का दबाव बना रहे हैं।
विज्ञापन


शहर के तिर्वा क्रासिंग निवासी एक व्यक्ति की माने तो सोमवार को शहर के सुनार ने उनसे आकर कहा कि तुमने अपना गिरवी रखा सोना नहीं उठाया है कब उठा रहे हो, जल्दी उठाओ नहीं तो ऐसे तो असल माल से ज्यादा ब्याज ही हो जाएगा। दो से तीन महीने का और समय मांगा तो कहा कि अपने खाते में एक से डेढ़ लाख रुपये जमा करवा लो एक या दो महीने बाद दे देना। उन्होंने बताया कि इंकार कर दिया। सूत्रों की माने तो ऐसे ही कई और ग्राहकों के पास तो आफर आ रहे हैं।

वहीं ऐसा ही आफर ब्याज पर रुपये देने वाले लोग भी कर रहे हैं। लालच दे रहे कि 10 प्रतिशत महीना ब्याज को आठ प्रतिशत करवा देंगे। सूत्राें की माने तो शहर के बड़े व्यवसायियों ने भी अंतिम तारीख नजदीक आती देख नौकरों के माध्यमों से ब्लैक मनी को व्हाइट काम करना शुरू कर दिया है। काम कर रहे कुछ कारीगरों की ही माने तो उनकी पत्नी या वृद्ध माता-पिता के नए खाते बैंकों में खुलवा रहे हैं। उन्हें एक से डेढ़ लाख डालने की बात कहकर तीन-से चार महीने में आराम से देने की बात कह रहे हैं, जिसमें उन्हें पांच से 10 प्रतिशत कमीशन देने की बात कही जा रही है। कमीशन देने की साथ-साथ इनकम टैक्स जैसी एजेंसियाें से भी उन्हे महफूज रखने का भरोसा भी दिया जा रहा है।
विज्ञापन


पैसा खाते में डलवा लो ब्याज माफ
कन्नौज। सरायमीरा निवासी गोविंद कुमार ने बताया कि उनके करीब 60 ग्राम सोने के जेवरात शहर के स्वर्णकार के पास गिरवी हैं। उन्होंने फोन कर ब्याज का पैसा मांगा जब नोटबंदी की मार के चलते पैसे की किल्लत का हवाला देते हुए दो से तीन महीने का समय मांगा तो उन्हाेंने कहा कि एक लाख रुपये अपने खाते में डलवा लो और तीन महीने बाद दे देना तुम्हारा ब्याज माफ कर दूंगा। ऐसे ही कस्बा जलालपुर पनवारा से सटे एक गांव के राधेश्याम ने बताया कि गत वर्ष इन्हीं महीनों उसने अपनी पत्नी के बीमारी के चलते शहर के स्वर्णकार के पास सोने के जेवरात रखकर ब्याज पर पैसे उठाए थे। पैसे नहीं दे पाया तो मंगलवार को वह घर पहुंचे और ब्याज के पैसे देने की बात कही। राधेश्याम ने बताया कि उन्होंने कुछ दिनाें का और समय मांगा तो स्वर्णकार ने कहा कि घर में कितने सदस्य हैं। मैंने बताया कि 8-9 लोग हैं। तो उसने कहा कि मेरा 10-12 लाख रुपये जमा कर लो तुम्हारा ब्याज माफ कर दूंगा। हालांकि राधेश्याम ने बताया कि उन्हाेंने ऐसा कुछ भी करने से इंकार कर दिया। जिस पर उन्होंने कहा कि तुम लोग किसी काम के नहीं हो।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें