विशुनगढ़(कन्नौज)। थाना इलाके में महिला ने खुद को कमरे में बंद कर केरोसिन डालकर आग लगा ली। बच्चों के शोर मचाने पर आसपास के लोगों ने दरवाजा तोड़कर बाहर निकाला। सौ शय्या अस्पताल में चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। पति की सूचना पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
विशुनगढ़ निवासी महेंद्र सिंह उर्फ मटरू मजदूरी करते हैं। शनिवार को महेंद्र के मजदूरी पर जाने के बाद पत्नी सुलोचना (36) ने बेटी शिवानी (13) और बेटे प्रियांशू (9) को खेतों में मूंगफली बीनने के लिए भेज दिया। लगभग दस बजे सुलोचना ने खुद को कमरे में बंद कर आग लगा ली। इस बीच खेतों में मूंगफली की खुदाई न होने से दोनों बच्चे घर लौट आए। कमरे में आग के बीच घिरी मां को देख बच्चों ने मदद के लिए चिल्लाना शुरू कर दिया। इससे आसपास के लोग पहुंच गए। दरवाजा तोड़कर कपड़ों में लगी आग बुझाई गई। तब तक सुलोचना काफी झुलस चुकी थीं। परिजन सौ शय्या अस्पताल ले गए। यहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। महेंद्र की सूचना पर पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
15 दिन पहले जुड़वां बच्चों को दिया था जन्म
सुलोचना ने 15 दिन पहले जुड़वां बच्चों को जन्म दिया था। जन्म के तीन दिन बाद बेटी व लगभग सात दिन बाद बेटे की मौत हो गई थी। इनकी मौत से दंपती व्यथित थे। परिजनों के अनुसार तबसे दोनों ठीक से खाना नहीं खा रहे थे। परिजनों ने बताया कि जुड़वां बच्चों की मौत के गम में सुलोचना ने आग लगाकर जान दे दी।
मायके वालों ने पति को पीटा
सुलोचना के आग लगा लेने की सूचना पर मायके से कानपुर देहात के ग्राम महदेवा निवासी पिता किशोरीलाल व भाई चंद्रशेखर पहुंच गए। इन्होंने घर के बाहर बैठे महेंद्र पर हमला बोल दिया। मारपीट कर घायल कर दिया। आसपास के लोगों ने महेंद्र को बचाया। महेंद्र ने थाने पहुंचकर शिकायत की। पुलिस कर्मियों ने निजी चिकित्सक के यहां उपचार कराया। इस संबंध में मायके पक्ष के लोग कुछ भी बोलने के लिए तैयार नहीं हुए। न ही थाने में शिकायत की।