मृतका ऊषा देवी (फाइल फोटो)। संवाद
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छिबरामऊ। सात दिसंबर को जमीन के विवाद को लेकर ग्राम लडै़ता हुई मारपीट व फायरिंग की घटना में घायल महिला की उपचार के दौरान कानपुर में मौत हो गई। सूचना पहुंचते ही घर में कोहराम मच गया। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
सात दिसंबर को ग्राम लडै़ता निवासी मुन्नालाल पुत्र मेवाराम व उदयवीर पुत्र नाथूराम के बीच जमीनी विवाद को लेकर चल रही रंजिश के चलते कहासुनी हो गई। दोनों पक्षों के बीच गालीगलौज व पथराव शुरू हो गया। इसी बीच मुन्नालाल ने बंदूक से फायर झोंक दिए। फायरिंग में उदयवीर व उनकी पत्नी ऊषा देवी, धर्मेंद्र पुत्र महेश चंद्र के अलावा महमूदिया निवासी अवधेश सिंह पुत्र जयसिंह घायल हुए थे।
इस मामले में पुलिस ने मुन्नालाल, उसके पुत्र राजीव, बृजेश पुत्र संतोष, भूपेंद्र पुत्र शिवराम सहित दो तीन अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर मुन्नालाल को जेल भेजा था। उधर, दूसरी तरफ गंभीर हालत में परिजन ऊषा देवी को हैलट अस्पताल कानपुर ले गए जहां घटना के 13 दिन बाद उनकी मौत हो गई। मौत की सूचना मिलने पर परिजनों का रो-रोकर बुरा हालत था। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार मिश्रा ने शव के पहुंचने से पहले ही गांव में पुलिस बल तैनात करवा दिया। समाचार लिखे जाने तक शव गांव नहीं पहुंचा था।