तेराजाकेट। भट्ठे पर मजदूरी कर रहे युवक व किशोरी की रविवार को ईंट उतारते समय गिरी कच्ची दीवार के मलबे में दबकर मौत होने के बाद सोमवार को प्रशासन नींद से जागा। श्रम प्रवर्तन अधिकारी ने ईंट भट्ठे पर पहुंचकर मजदूरों से बातचीत की और भट्ठा मालिक पर अर्थदंड लगाने की बात कही है। हालांकि, इस हादसे के बाद मजदूरों की झोपड़ियों का माहौल गमगीन है।
हादसे में बिहार के नवादा जिले के थाना कौआकोल के चौगबाहा गांव निवासी महेश मांझी के इकलौते पुत्र नितीश 18 वर्ष की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। घर का इकलौता चिराग बुझने से परिजन सदमे में हैं। युवक के परिजन बिहार से कन्नौज के लिए रवाना हो चुके हैं। देर रात तक पहुंचने की उम्मीद है। सोहिल देवी ने बताया कि ट्रैक्टर पर आए लोग रुपये का लालच देकर बच्चों को जबरन ईंट उतरवाने ले गए थे। हादसे के बाद चालक शवों को ट्राली से डालकर भाग गया। मजबूरी में मजदूरी कर रहे गरीब परिवारों को ठेकेदार लालच देकर बच्चों से भी काम करवा रहे हैं। हादसे ने प्रशासन और श्रम विभाग की निगरानी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद प्रशासन की नींद खुली और आनन फानन में श्रम प्रवर्तन अधिकारी कीर्ति कुरील ने भट्ठे पर पहुंचकर मजदूरों व भट्ठा मालिक ने बातचीत की और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
श्रम प्रवर्तन अधिकारी कीर्ति कुरील का कहना है कि बाल श्रमिक को लेकर भट्ठे मालिक पर 20 हजार तक का अर्थदंड लगाया जा सकता है। वहीं कम मजदूरी मिलने का आंकलन किया जाएगा, जिसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। कोतवाल गुरसहायगंज आलोक दुबे का कहना है कि परिजनों को सूचना दे दी गई है। वह बिहार से रवाना हो चुके हैं, जिनके देररात तक कन्नौज पहुंचने की उम्मीद है। घटना के संबंध में अभी तहरीर नहीं मिली है। परिजनों के आने पर तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।