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खुले में तख्त पर रखकर बेची जा रही शराब

Sun, 02 Apr 2017 11:42 PM IST
अमर उजाला ब्यूराो/कन्नौज
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खुले में रखकर देशी शराब बेचते लोग। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे की शराब की दुकानें बंद हो गई हैं। अब दुकानदार हाईवे से इतर गलियों और बस्तियों में दुकानें तलाश रहे हैं, लेकिन दुकानदारों को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण किसी भी कीमत पर शराब की दुकान न खुलने देने पर अड़े हैं। इस पर अब दुकानदार खुले में तख्त पर रखकर शराब बेच रहे हैं।
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 सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद नेशनल हाईवे व स्टेट हाईवे पर वर्षों से संचालित करीब एक सौ से अधिक देशी, विदेशी व बियर के कारोबारी बैकफुट पर आ गए है। एक अप्रैल से आदेश प्रभावी होने के बाद से संचालित दुकानों पर आबकारी विभाग ने सील लगा दी है। कारोबारी अपनी दुकानें रखने के लिए आबादी वाले क्षेत्रों में स्थान तलाश रहे हैं। उनको आम नागरिकों के विरोध से जूझना पड़ रहा है। आम पब्लिक दुकानें हटवाने के लिए महिलाओं को प्रमुखता से आगे कर रहे हैं, जिस कारण प्रशासन को भी बैकफुट पर आना पड़ रहा है।

शनिवार को कई जगह विरोध हुआ, जिला मुख्यालय से सटे पाल चौराहे पर ग्रामीणों ने पथराव भी कर दिया था। शनिवार को इन दुकानों में कुछ ही खुल सकीं, शेष कारोबारियों को मजबूरी में अपनी दुकानें बंद रखनी पड़ीं। दूसरे दिन भी यही आलम रहा। दुकानें खोलने के लिए कारोबारी थाना, कोतवाली से लेकर जिलाधिकारी तक की दौड़ लगाते रहे, लेकिन नतीजा कुछ भी हासिल नहीं हो सका। दुकानें बंद होने से लाखों रुपये की चपत लगी है।
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दुकानों का इंतजाम न हो पाने से कारोबारियों ने बीच का रास्ता निकाल लिया है। खेतों में तख्त डालकर शराब बेच रहे हैं। उधर, ग्राहक भी शराब खरीदने के लिए भटक रहे हैं। एक दूसरे से जानकारी पाकर दुकानों तक पहुंच रहे हैं।

वर्जन
सुप्रीम कोर्ट का आदेश काफी पहले आ गया था। जिले में स्टेट व नेशनल हाईवे पर देशी की 45, अंग्रेजी की 27 व बियर के 22 दुकानदारों को जनवरी में दुकान हटाए जाने के लिए नोटिस जारी कर दिए गए थे। कारोबारियों को उम्मीद थी कि उनको सुप्रीम कोर्ट से राहत मिल जाएगी। इस कारण अव्यवस्था फैली है। पब्लिक का विरोध है। प्रशासन के जरिये दुकानें खुलवाए जाने के लिए बीच का रास्ता निकाला जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने नए निर्देश में यह जरूर किया कि जहां पर बीस हजार से कम की आबादी है, वहां पर 500 मीटर की जगह पर दूरी 220 मीटर कर दी है। -  सदानंद चौरसिया, जिला आबकारी अधिकारी कन्नौज
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