ज्योतिष की नजर में आने वाला नया साल विकास कार्यों
के लिए तो सौगातों भरा होगा, पर किसानों की माथे पर पड़ी चिंता की लकीरों
को कम नही करेगा। यह नया साल खासकर किसानों के लिए कुछ अच्छा साबित नहीं
होगा। ज्योतिषियों की मानें तो नए वर्ष में फसलों के उत्पादन में तो वृद्धि
होगी, पर किसानों को उसका वाजिब दाम नहीं मिल पाएगा।
आचार्य वीरचंद्र
त्रिपाठी का कहना है कि नव वर्ष 16 वृष, मिथुन, कन्या, मकर, कुंभ और मीन
राशि के जातुकों के लिए शुभ रहेगा। कर्क राशि वालों के लिए मध्यम रहेगी।
ऐसे में कर्क राशि के जातक शिव चालीसा का नित्य पाठ करें और 12 दिन गाय को
हरा चारा खिलाएं। नया वर्ष मेष, सिंह, तुला, वृश्चिक व धनु राशि वालों के
लिए अशुभ रहेगा।
इस राशि के जातक शनिवार के दिन सुंदर कांड का पाठ कराएं या
शनिवार वाले दिन काले घोड़े की नाल से बनी मुद्रिका, रांगे की मुद्रिका या
छल्ला मध्यमा उंगली में धारण कर लें। वर्ष 16 राजनेताओं के देश के विकास
को सफलता दिलाएगा। शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, कृषि उत्पादन, दुग्ध, पशुधन
में भी विकास लाएगा।
राजपथ निर्माण, सिंचाई के साधन, पौधरोपण, तेल, खनिज
उत्पादन, इस्पात, खाद, बीज, उर्वरक, रासायनिक औषधियां, बिजली निर्माण में
बढ़ोत्तरी वाला भी साबित होगा। नए वर्ष में डीजल, पेट्रोल, तेल, रसोई
गैस, भवन निर्माण सामग्री, कोयला, परचून, केमिकल आदि का व्यापार करने वालों
को लाभदायक साबित होगा।
आचार्य का कहना है कि नए वर्ष में महिला सुरक्षा
के पुख्ता इंतजाम होंगे। बाल श्रमिक पर कंट्रोल होगा, जल, थल, वायु तीनों
सेनाओं का कार्य सराहनीय रहेगा। इसके अलावा विरोधी दलों का व्यवहार अच्छा
नहीं रहेगा। चोरी, लूटपाट, दुराचार, आंदोलन और दुर्घटनाओं में वृद्धि होगी।
जिससे सुरक्षा विभाग, सेना और पुलिस पर विशेष भार बढ़ेगा।
बताया कि बेशक
नया वर्ष कृषि उत्पादन में वृद्धि करने वाला साबित होगा, पर किसानों को
अपने माल का उचित भाव न मिलने से उनमें निराशा बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि
इस वर्ष के राजा बृहस्पति होंगे। ऐसे में अपने गुरुवरों को प्रसन्न रखें।
माताएं गुरुवार वृतधारण करें। पुरुष शिवजी की नित्य उपासना करें।