जीटी रोड हाईवे पर ग्राम करमुल्लापुर के पास तेज
रफ्तार डीसीएम ने बाइक सवार दूधिए को रौंद दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत
हो गई। दुर्घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने हाईवे पर जाम लगा दिया। सूचना पर
पहुंचे एसडीएम और सीओ ने कार्रवाई का आश्वासन देकर ग्रामीणों का समझाया।
तब कहीं लगभग तीन घंटे बाद आवागमन बहाल हो सका। घना कोहरा हादसे का सबब
बना। ग्राम अदमापुर निवासी उदयवीर यादव (35) पुत्र अमीर सिंह यादव दूध
का व्यापार करते हैं। गुरुवार की सुबह करीब पांच बजे वह बाइक से ग्राम
सबलपुर दूध लेने गए थे। वहां से दूध लेकर वह करमुल्लापुर आ रहे थे।
जब वह
सुबह करीब आठ बजे हाईवे पर ग्राम करमुल्लापुर के पास पहुंचे, तभी डीसीएम ने
बाइक में टक्कर मार दी। जिससे वह उछलकर सड़क पर जा गिरे। इस बीच डीसीएम
रौंदती हुई निकल गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। दुर्घटना का अंदाज
इसी से लगाया जा सकता कि दूधिया की बाइक के परखच्चे उड़ गए थे और बाइक में
बंधे डिब्बे भी सड़क पर काफी दूर पड़े हुए थे। हादसे की जानकारी होते ही
मृतक के घर कोहराम मच गया।
कुछ ही देर में उसके परिजन घटनास्थल पर पहुंच
गए। वहीं हादसे से खफा ग्रामीणों ने सड़क के बीचों-बीच ट्रैक्टर खड़ा कर
जाम लगा दिया। जाम की सूचना पर कोतवाल आरपी पांडेय पुलिस फोर्स लेकर मौके
पर पहुंचे और ग्रामीणों को काफी समझाने का प्रयास किया, पर ग्रामीण मौके पर
ही कार्रवाई की बात पर अड़े थे।
कुछ देर बाद पहुंचे एसडीएम महेश प्रसाद
दीक्षित और सीओ वीपी सिंह सोलंकी ने कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस पर
ग्रामीण सड़क से हटे। तब कहीं जाकर करीब तीन घंटे बाद हाईवे पर वाहनों का
आवागमन बहाल हो सका। मृतक की पत्नी विद्यावती ने डीसीएम के अज्ञात चालक के
खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
उधर, दूधिए की पत्नी विद्यावती ने जैसे ही पति का शव सड़क पर देखा वह गश खाकर गिर पड़ी। इस बीच गांव की अन्य महिलाओं ने उसे संभाला।