कन्नौज। मिसाइल मैन के नाम से मशहूर भारत रत्न पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने नौ साल पहले अपनी आखिरी सांस से ठीक 20 दिन पहले जिस सोलर प्लांट को रोशन किया था, वहां अब 53 महीने से अंधेरा है। सिस्टम की लापरवाही देखिए हर बार आश्वासन के सहारे उसे रोशन करने की कोशिश तो की गई, लेकिन बजट के अभाव में मामूली सी मरम्मत नहीं हो सकी। धीरे-धीरे चार साल से ज्यादा हो गया। अब तक उसे शुरू नहीं किया जा सका है।
तिर्वा तहसील के उमर्दा ब्लॉक क्षेत्र के फकीरापुर और चंदुआहार गांव को 250 किलोवाट क्षमता के सोलर प्लांट की सौगात देते हुए वह अपनी अनोखी मुस्कुराहट के साथ कन्नौज के बाशिंदों से रूबरू भी हुए थे। उन्होंने कहा था कि देश को उर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए सोलर शक्ति को अपनाना होगा। इससे देश आत्मनिर्भर होगा। (संवाद)