तालग्राम में हजरत बाबा कालन शहीद के उर्स पर जवाबी कव्वाली हुई। इस दौरान बाबा की मजार पर चादरपोशी का दौर चला। एसजीआर महाविद्यालय के चेयरमैन डा. अजय पाल सिंह यादव ने मजार पर चादरपोशी की। इसके बाद बसपा नेता जुनैद सिद्दीकी, तालग्राम चेयरमैन दिनेश यादव ने फीता काटकर शुभारंभ किया। दिल्ली से आए फनकार गीता चिश्ती ने दम दम हुसैन सुनाकर लोगों की वाहवाही लूटी। मोहब्बत कर तो लेते हैं लेकिन जताना भूल जाते हैं, कव्वाली पेश की। क्या बिगाड़ेंगे जमाने वाले मेरे ख्वाजा है मुझको बनाने वाले.. शेर की लोगों ने खूब सराहा की।
नागपुर महाराष्ट्र के फनकार, रईस-अनीस साबरी ने मुझे चढ़ गया चिश्ती का रंग-रंग, इसके बाद उन्होंने नात शरीफ पेश की जिसमें कौन टाल सकता है फैसला मोहम्मद का...। फैसला खुदा का है, फैसला मोहम्मद का..। गजल गायक शमशुु्ददीन वारिसी ने वारिसी की दुनिया भी जिंदगी का नजारा अजीब है। कोई अमीर है तो कोई गरीब है। अपनी तामील है, दुश्मनों की इज्जत करना, वो जहंा भी हो खुदा उनकी हिफाजत करना, वहीं उर्स के दौरान लगे मीना मेले में महिलाओं व बच्चों ने खूब खरीददारी की।
मेला प्रभारी शकील खां, जावेद खां मेला प्रबंधन में मुस्तैदी से डटे रहे। लंगर में जायरीनों ने रोटी-दाल का लुत्फ उठाया। बुधवार को सुबह कुलशरीफ में इमाम नईम अख्तर व हाफिज करी आरिफ ने फातिहा पढ़ा।
मेला कमेटी के सदर तनवीर वारिसी, इदरीस, एखलाक, अनीश अहमद, देशराज शाक्य, रिजवान खां, देवेंद्र, अरविंद, खालिक इदरीसी, कुसुम चौहान, शहजाद लल्ला, रिजवान खां, परवेज सभासद, तस्लीम खां, कमरुद्दीन मंसूरी, सलीमुद्दीन, अशरफ मैनेजर, डा. तौकीर वारिसी आदि मौजूद रहे।