तालग्राम विकास खंड के 59 गांवों में पानी की टंकियां बनाकर टोटियों के जरिए घर-घर पानी पहुंचाने की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) का खाका कई महीने तक चली कवायद के बाद आखिरकार पूरा हो गया है। तीसरे चरण में जिला प्रशासन ने अवशेष 18 गांवों में भी पानी टंकी निर्माण के लिए स्टीमेट प्रमुख सचिव नियोजन को भेज दिए हैं। अब सभी पेयजल योजनाओं को धरातल पर साकार करने के लिए डीएम ने धनावंटन की मांग की है, ताकि गांव के लोगों की पेयजल समस्या का समाधान कर उन्हें पीने के लिए शुद्ध पानी मुहैया कराया जा सके।
विकास खंड तालग्राम बीते एक दशक से भी ज्यादा समय से डार्क जोन की श्रेणी में है। यहां लगे ज्यादातर हैंडपंप ठूंठ बने बेकार पड़े हैं। इस कई गांवों में स्थित पुरातन कुएं भी पानी देना बंद कर चुके हैं। इससे दिनों दिन पानी का संकट गहराता जा रहा है। वर्ष 2014 में प्रदेश सरकार ने पायलट प्रोजेक्ट के डार्क ब्लाक घोषित तालग्राम का चयन किया है। इसके तहत तालग्राम ब्लाक के समस्त 59 गांव में पानी की टंकी बनाकर व गलियों में पाइप लाइनें बिछाकर पानी घरों तक पहुंचाना है।
डीएम अनुज कुमार झा ने बताया कि तृतीय फेज में विकास खंड तालग्राम के गांव नरमऊ में 323.50 लाख, सकरहनी में 218.68 लाख, बरगांवा में 254.91 लाख, टिकरी कलसान में 255.34 लाख, तेरारब्बू में 237.36 लाख, ज्ञानपुर में 173.47 लाख, सिंघनापुर में 179.96 लाख, भवानीसराय में 132.88 लाख, गढ़ापुरवा में 157.38 लाख, जरामऊ अलमापुर में 142.18 लाख, जुनेदपुर में 152.57 लाख, खाड़ेदेवर में 156.21 लाख, माधौनगर में 130.69 लाख, नेपालपुर में 162.90 लाख, सकरवारा बगुलिहाई में 183.95 लाख, ताहपुर में 158.47 लाख, तिलकसराय में 113.32 लाख, रोहली ग्रामीण पाइप पेयजल योजना में 379.58 लाख रुपये की लागत से टंकी निर्माण का स्टीमेट तैयार किया गया है।
प्रमुख सचिव नियोजन के पास अब पायलट प्रोजेक्ट के तहत सभी गांवों में टंकी निर्माण का खाका पहुंच चुका है। क्षेत्रीय सांसद को भी अवशेष टंकी निर्माण के स्टीमेट भिजवाने की जानकारी दे दी गई है। जल निगम के अधिशासी अभियंता राजेंद्र सिंह कहते हैं कि उम्मीद है कि एक-दो महीने के अंदर ही पायलट प्रोजेक्ट को मंजूरी व बजट आवंटन हो जाएगा, जिसके बाद टंकी निर्माण कार्य चालू करा दिया जाएगा।
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फैक्ट फाइल
ॎ पायजल प्रोजेक्ट में यूपी में दो ब्लाक चयनित। एक इटावा जिले का जबकि दूसरा कन्नौज का तालग्राम ब्लाक।
ॎ सर्वे के बाद तालग्राम में कुल 59 गांव चुने गए।
ॎ 7 जनवरी 2015 को 10 गांवों की कार्ययोजना भेजी गई।
ॎ 23 जनवरी व 12 फरवरी 2015 को 31 गांवों के स्टीमेट भेजे गए।
ॎ अवशेष 18 गांवों की कार्ययोजना अब बनाकर शासन भेजी गई।
तो 59 लोगों को रोजगार भी मिलेगा
टंकी बनकर तैयार होने के बाद तालग्राम ब्लाक क्षेत्र के 59 बेरोजगार युवकों को गांव के अंदर ही रोजगार का अवसर मिलेगा। सीडीओ कार्यालय के अनुसार टंकी बनने के बाद ग्राम सभा के हैंडओवर की जाएगी। इसके बाद टंकी संचालन के लिए आपरेटर तैनात किए जाएंगे। इन आपरेटरों को ग्राम सभा में उपलब्ध बजट से प्रति महीने मानदेय का भुगतान किया जाएगा। आपरेटर नलकूप चलाकर टंकी भरने व नियमित रूप से जलापूर्ति करने तथा टंकी व ट्यूबवेल क देखरेख की जिम्मेदारी निभाएंगे।
मारपीट के मामले भी घटेंगे
तालग्राम थाना पुलिस के अनुसार तालग्राम क्षेत्र में अपराध का ग्राफ बढ़ाने में पेयजल समस्या भी एक मुख्य कारण है। टंकी बनने के बाद हैंडपंपों पर निर्भर भीड़ कम होगी। इससे पहले पानी भरने को लेकर होने वाली मारपीट की घटनाएं घटेगी। गर्मी में अक्सर हैंडपंपों पर सबसे ज्यादा लाठी-डंडे तालग्राम में ही चलते हैं।