बीती रात जलालाबाद विकास खंड के गांव गदनापुर में करीब आठ लाख रुपये के कर्ज में डूबे किसान की हार्ट अटैक से मौत हो गई। जानकारी पाकर उसके घर पर सुबह सैकड़ों लोगों का मजमा लगा रहा। हालांकि इस दौरान मृतक परिजनों को ढांढस बंधाने के लिए कोई भी जिला स्तरीय अधिकारी या जनप्रतिनिधि नहीं पहुंचा। सूचना पर लेखपाल ने मामले की छानबीन की।
गदनापुर गांव निवासी जयजयराम दुबे (60) खेती-बाड़ी करके अपने परिवार का भरण पोषण करते थे। उनके पास करीब 12 बीघा जमीन थी। उनके नीरज (35) और धीरज (23) दो विवाहित पुत्र हैं। चार माह पहले ही उन्होंने अपनी चार बेटियों में सबसे छोटी सोनी का विवाह किया था। ग्राम प्रधान ने बताया कि उनकी पत्नी सुषमा कैंसर से पीड़ित थी। उनकी एक वर्ष पहले मौत हो गई थी। उनके इलाज में लाखों रुपया खर्च हो गया था।
वहीं बेटी की शादी के लिए भी किसान ने काफी रुपया उधार लिया था। इसके अलावा उन पर ट्रैक्टर, सहकारिता, केसीसी का लोन भी चल रहा था। आलू की मंदी व गेहूं के बर्बाद हो जाने से वह समय पर किश्त नहीं दे पा रहे थे। इन तमाम कारणों के चलते बीती रात हार्ट अटैक से उसकी मौत हो गई।
परिजनों ने प्रशासनिक अधिकारियों को मामले की सूचना दी, लेकिन कोई नहीं पहुंचा। बाद में परिवार व गांव के लोगों ने मेंहदी घाट पर उनका अंतिम संस्कार कर दिया। देर शाम करीब पौने छह बजे तहसीलदार सदर राजेश कुमार ने परिजनों व ग्रामीणों से पूछताछ की।
इस दुख की घड़ी में जिला प्रशासन मृतक किसान परिवार के साथ खड़ा है। किसान पर कितना कर्ज था, इसका अभी कोई आकलन नहीं हुआ है। मामले की जांच कराई जा रही है। शासन की ओर से जो भी आर्थिक सहायता मिल सकेगी। वह परिवार को मुहैया कराई जाएगी। प्रशासनिक अधिकारियों को जांच के निर्देश जारी किए जा चुके हैं।
अनुज कुमार झा, डीएम, कन्नौज।