विकास खंड तालग्राम की ग्राम पंचायत सकरैनी के ग्राम प्रधान की मनमानी व विकास कार्य की उपेक्षा के चलते बारिश का पानी घरों में घुस गया। तीन दिन से परेशान ग्रामीणों ने डीएम से शिकायत की है। शिकायत के बाद ब्लाक प्रशासन हरकत में आया, बीडीओ व एडीओ की टीम ने गांव पहुंचकर जेसीबी से कच्चा नाला बनवाकर पानी की निकासी कराई। इसके बाद जनता ने राहत की संास ली। बीडीओ ने सचिव से लेकर ग्राम प्रधान को विकास कार्य की उपेक्षा करने पर फटकार लगाई है।
बारिश से पूर्व सकरैनी के ग्राम प्रधान मुन्ना लाल जाटव ने गांव की नालियों का निर्माण नहीं कराया। इसके साथ ही खड़ेंजे को भी खोदकर डलवा दिया। इससे गांव की गलियों से पानी निकलने में मुश्किलें आने लगी। गांव के अंदर बने तीन तालाबों से पानी निकासी का कोई रास्ता न होने के कारण गांव में जलभराव की नौबत आ गई। इससे जगमोहन, लालजीत, श्रीकृष्ण, सर्वेश, लल्लू पंडित, नरेश, शेरू, अनंतराम, संजय, शिव प्रसाद, संतराम समेत दर्जनों घरों में बारिश का पानी घुस गया। इससे घरों में रखा सामान भीग गया। लोगों को असुविधा होने लगी। बीती रात राजवीर पुत्र सुखवासी के बीमार हो जाने पर एंबुलेंस भी गांव नहीं पहुंच पाई। इससे चारपाई के सहारे ग्रामीणों ने पानी में घुसकर मरीज को एंबुलेंस तक पहुंचाया। मरीज को गंभीर हालत में कानपुर में भर्ती कराया गया है।
इसी बात से नाराज ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान से नाले की सफाई कराने की मांग की। ग्राम प्रधान की अनदेखी के चलते ग्रामीण उत्तेजित हो गए और नारेबाजी करते हुए डीएम से शिकायत की। शनिवार दोपहर डीएम के आदेश पर तालग्राम बीडीओ रामायण सिंह, एडीओ सेवाराम, जेसीबी लेकर गांव पहुंचे। श्रीकृष्ण के दरवाजे से नाला सफाई का काम शुरू कराया। प्राइमरी व जूनियर स्कूल तक लगभग 500 मीटर नाले की खोदाई कराई। इसके बाद गांव की गलियों से पानी निकल सका। बीडीओ कई घंटे तक गांव में मौजूद रहे।
इसी दौरान स्कूल की छुट्टी हो जाने पर रास्ते से नाला खुदा देख बच्चों को दिक्कते हुईं। इस पर बीडीओ ने तत्काल सीमेंट के पोल मंगाकर अस्थाई पुलिया का निर्माण कराया। इसके साथ ही ग्राम प्रधान व सचिव की जमकर क्लास ली। सचिव को फटकार लगाते हुए शीघ्र नाला खुदाई के लिए हिदायत दी। गांव के ग्रामीणों ने कई दिन से जलभराव होने के कारण गांव में बीमारी फैलने की आशंका जता स्वास्थ्य टीम गांव भेजे जाने की मांग की है।