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ग्रामीणों की जीत, अंडरपास को मिली जमीन

Fri, 12 Aug 2016 11:49 PM IST
अमर उजाला/कन्नौज
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चिह्नित की गई अंडरपास की जमीन दिखाते ग्रामीण। - फोटो : अमर उजाला
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सदर तहसील क्षेत्र के गांव रतापुर्वा के ग्रामीणों का अंडरपास के लिए 21 दिन से चल रहा आंदोलन सफल हो गया है। लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे के अधिकारियों ने अंडरपास की जगह चिह्नित कर निर्माण शुरू कराने के लिए सामान मंगा लिया है। अंडरपास स्वीकृत होते ही ग्रामीणों ने अमर उजाला को धन्यवाद दिया है। उन्होंने कहा कि अमर उजाला उनके संघर्ष में हमेशा शामिल रहा है।
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विदित हो कि सदर तहसील क्षेत्र के गांव रतापुर्वा के ग्रामीण आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर गत 21 दिनो से अंडरपास बनवाने की मांग को लेकर धरने पर है। इधर हाईवे के कार्यदाई संस्था के अधिकारी शुरू से उन्हें आश्वासन दे रहे थे, कि आप सभी अपना धरना खत्म कर दीजिए, जल्द ही आपके गांव के सामने अंडरपास का निर्माण करा दिया जाएगा। उधर, ग्रामीण एक ही जिद पर बने हुए थे, कि पहले अंडरपास का निर्माण कार्य शुरू कराया जाए, हम सभी अनशन खत्म कर देंगे।

मामले में गुरुवार को कार्यदाई संस्था के कर्मचारी केके त्रिपाठी ने बताया कि अंडरपास के लिए ग्रामीण जहां कह रहे थे ,उसी जगह पर तीन मीटर लंबी व तीन मीटर ऊंची जगह अंडरपास के लिए चिह्नित कर दी गई। उन्होंने ग्रामीणों को बताया कि आगामी 20 दिन में अंडरपास तैयार करा दिया जाएगा। चिह्नित की हुई जगह पर चूना डाल दिया गया है। काम करने के लिए गुरुवार की शाम वहां संस्था के मजदूर भी पहुंच गए।
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ग्रामीण फूलसिंह, शक्ति सिंह, सियाराम, तुलसी, महेश, वीरभान, बलवीर,पंकज , विनोद, बबलू, कनौजीलाल, चंदावती, रामरतन , हुकुम सिंह, मनफूल, संजय सिंह व सुरेश ने बताया कि उन सभी ने अभी धरना खत्म नहीं किया है।

ग्रामीणों ने  बताया कि उन्हाेंने कार्यदाई संस्था के अधिकारियों से साफ कह दिया है कि जब तक काम शुरू नहीं हो जाता, वह सभी धरना खत्म नहीं करेंगे। इसके साथ ही ग्रामीणों ने अमर उजाला को भी धन्यवाद दिया कि उनके संघर्ष  की लड़ाई में निरंतर 21 दिन तक उनका साथ दिया। विदित हो कि धरना देने पहले ग्रामीणों ने दो बार जिला मुख्यालय आकर डीएम को ग्रामीणों की समस्या से अवगत कराया था, लेकिन यहां से सिर्फ दोनों बार आश्वासन मिलने के बाद ही ग्रामीणों ने अनिश्चितकालीन धरने पर जाने का फैसला लिया था।
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