ग्राम सभा अमोलर के ग्रामीणों ने गुरुवार को प्रधान विषुना देवी के पति अमर सिंह पर आवास, पट्टा व पेंशन के नाम वसूली करने का आरोप लगा तालग्राम थाने में जमकर हंगामा किया। प्रधान पति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने व वसूली गई रकम वापस करने की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन भी किया। ग्रामीणों का गुस्सा देख पुलिस ने शाम को प्रधान पति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जिसके बाद गामीणों का गुस्सा शांत हुआ।
मजरा मझइया, विचपुरवा, अमोलर, सीतापुरवा के सैकड़ों ग्रामीण महिलाओं व पुरुषों ने गुरुवार को थाने पहुंचकर हंगामा किया। ग्रामीण छेदीलाल, अमर सिंह, महेंद्र सिंह, गंगा सिंह, शिवनंदन, राजेश, सुभाष, जबर सिंह, प्यारेलाल ने कहा कि प्रधान पति अमर सिंह ने ग्रामीणों के साथ ठगी करके लाखों रुपये वसूले हैं।
आरोप है कि प्रधान पति ने अवैध वसूली की रकम से कई गाड़ियां व प्लाट खरीदे हैं। उनकी संपत्ति की जांच कराई जाए। ग्रामीणों ने कहा कि किसी ने कर्ज लेकर तो किसी ने जेवर व दुधारू पशु बेंचकर रुपये प्रधान पति को दिए। अब ये लोग बर्बाद हो गए हैं।
जिस कारण गांव के लोगों में गुस्सा है और वे न्याय न मिलने तक आंदोलन करते रहेंगे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि थाना पुलिस ने अवैध वसूली करने वाले प्रधान पति को बचाने का प्रयास किया तो वे लोग पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी कार्यालय में जाकर धरना देंगे।
सुबह 9 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक ग्रामीणों की भीड़ थाने में डटी रही। यह देख थानाध्यक्ष मो. इमरान खां मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से वार्ता कर समझाया और भरोसा दिलाया की दोषी बचेंगे नहीं। उधर, प्रधान पति के समर्थन में कई नेताओं के फोन भी पुलिस के पास आते रहे।
ग्रामीणों के हंगामे के बाद अमोलर की प्रधान पति के खिलाफ आवास, पट्टा, व पेंशन के नाम पर अवैध वसूली करने के आरोप में तालग्राम थाने में मुकदमा दर्ज हुआ। गांव मझइया निवासी रमेश चंद्र ने दर्ज रिपोर्ट में आरोप लगाया है कि प्रधान विशुना देवी के पति अमर सिंह पुत्र मुंशीलाल ने जनता को गुमराह किया।
ग्रामीणों को पट्टा, आवास व पेंशन दिलाने का लालच देकर लाखों रुपये की अवैध वसूली की। करीब एक साल तक जब पेंशन, पट्टा व आवास नहीं मिला तो ग्रामीणों को खुद के ठगे होने का एहसास हुआ।
गांव के सूरज प्रसाद, मोहनलाल, राजाराम, बंशीलाल, ऊदनलाल, प्रभूदयाल से 10-10 हजार रुपये, सुभाष चंद्र, प्रेमचंद्र, सुखवासी लाल, दीपचंद्र, रामरतन, विनोद, मुखराम, कांशीराम, रघुवीर, रामसेवक, रतीराम से 20-20 हजार रुपये, करन सिंह से 9 हजार, संजीव से 8 हजार रुपये, हेतराम से 6 हजार, रामविलास से साढ़े सात हजार रुपये वसूले हैं।
वादी का आरोप है कि प्रधान पति ने लालच देकर लाखों रुपये वसूले लेकिन ज्यादातर लोगों को न तो पट्टा मिला और न ही आवास। समाजवादी पेंशन के लिए भी चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
तमाम मजदूरों के मनरेगा खाते में जमा रुपये भी निकालकर प्रधान पति ने हड़प लिए। जब लोगों ने अपने रुपये वापस मांगना शुरू किया तो प्रधान पति ने उन्हें धमकाया। मुकदमे की विवेचना चौकी इंचार्ज छेदीलाल करेंगे। थानाध्यक्ष मो. इमरान ने कहा कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी गई है।
प्रधान पति अमर सिंह का कहना है कि वे जिला पंचायत का चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने किसी भी ग्रामीण से रुपये नहीं वसूले हैं। विरोधी दावेदारों ने साजिश करके जनता को भड़काकर उन्हें फंसाया है।