जिला प्रशासन ने डेंगू से बचाव के लिए इंतजाम कर लिए हैं। सीएमओ डा. पीएन वाजपेयी ने सीएचसी व पीएचसी प्रभारियों को डेंगू को लेकर अलर्ट रहने के निर्देश जारी किए हैं। वहीं किट और दवाइयां भी उपलब्ध करा दी गई हैं।
सीएमओ ने बताया कि सीएचसी स्तर पर टीमें भी गठित कर दी गई हैं। इनमें एक चिकित्सक, एक फार्मासिस्ट, एक स्टाफ नर्स, एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को रखा गया है। किसी भी क्षेत्र से डेंगू के संबंध में सूचना मिलते ही टीम मौके पर जाकर पूरे क्षेत्र में जांच पड़ताल करेगी। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल में डेंगू वार्ड स्थापित कर दिया गया है। इसके लिए डाक्टर से लेकर कर्मचारियों की टीमें बना दी गई हैं। वार्ड में पर्याप्त किटों की व्यवस्था की गई है।
गांवों में यदि बुखार पीड़ित मरीज मिलते हैं तो संबंधित गांव की एएनएम और आशा सीएचसी अधीक्षक को जानकारी देंगी। अत्याधुनिक जांच कार्ड के जरिए मरीजों की जांच की जाएगी। साथ ही स्लाइडें भी बनाई जाएंगी। यदि रोगी गंभीर है तो उसे बड़े अस्पतालों में भर्ती कराया जाएगा। गांव में फागिंग व ब्लीचिंग का छिड़काव भी कराया जाएगा। सीएमओ ने डाक्टरों व कर्मचारियों की छुट्टी रद्द कर दी है।
अपरिहार्य कारणों में भी छुट्टी दी जाएगी। ब्लड की जरूरत यदि किसी मरीज को पड़ती है तो इसके लिए कानपुर मेडिकल कालेज में बात की गई है। तत्काल वहां से पर्याप्त ब्लड उपलब्ध कराया जाएगा। जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्साधीक्षक डा. सीपी सिंह का कहना है कि जिला अस्पताल में डेंगू रोग नियंत्रण के लिए पूरी व्यवस्थाएं तैयार हैं। मरीज के आते ही तत्काल उसकी जांच और उपचार दिया जाएगा।
ऐसे करें डेंगू से बचाव
जिला अस्पताल के डाक्टर डीपीएस तोमर के अनुसार बरसात के मौसम में महीन जाली की मच्छरदानी का उपयोग करें। घर के आसपास व छत पर पानी एकत्र न होने दें। बीमार व्यक्ति को हमेशा मच्छरदानी में रखें। जुकाम, तेज बुखार, बदनदर्द, जोड़ों का दर्द होने पर इसे हल्के में न लें। ऐसा प्रतीत होने पर तत्काल चिकित्सक से संपर्क कर जांच व उपचार कराएं।