छिबरामऊ। श्री कृष्णा अस्पताल का संचालक मुन्नाभाई निकला। उसके पास डॉक्टर की कोई डिग्री ही नहीं है। पुलिस ने जब उसके अभिलेख खंगाले तो वह बीएससी पास निकला। गलत इंजेक्शन लगाने से किशोरी की मौत हुई थी। पुलिस ने आरोपी को बुधवार की देर शाम जेल भेज दिया।
शहर के पूर्वी बाईपास स्थित श्रीकृष्णा अस्पताल का संचालक वैभव दुबे डॉक्टर नहीं था। पुलिस जांच में उसका खुलासा हुआ है। प्रभारी निरीक्षक विष्णुकांत तिवारी ने बताया कि वैभव को गैरइरादतन हत्या में जेल भेजा गया है। जांच में उसके शैक्षिक अभिलेख और डिग्री चेक की गई तो पता चला कि उसने एमबीबीएस या बीएएमएस नहीं किया है। वह केवल स्नातक है। जिसमें उसने बीएससी की डिग्री ली है। कहीं पर कंपाउंडर का काम सीख लिया और इलाज करने लगा। हालांकि अस्पताल सीएमओ ने सील कर दिया है। वहीं, डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने इस घटना की मजिस्ट्रेट जांच की जिम्मेदारी तिर्वा एसडीएम अशोक कुमार को दी है।