इंदरगढ़। क्षेत्र में नकली खाद के कारोबार पर की गई कार्रवाई अब सवालों के घेरे में आ गई है। शिकायतकर्ता ने विभागीय जांच पर ही गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जांच के दौरान नकली खाद की जगह अच्छी गुणवत्ता वाली खाद का नमूना प्रयोगशाला भेजा गया है। शिकायतकर्ता ने इस संबंध में एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इससे विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि संवाद न्यूज एजेंसी वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।
मामला बीते दिनों इंदरगढ़ कस्बे का है। एक कस्बे निवासी राजेश यादव ने एक खाद विक्रेता पर घटिया व नकली खाद बेचने का आरोप लगाते हुए संबंधित विभाग और हेल्पलाइन 1076 पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर दुकान से दो बार छापा मारकर दो नमूने लिए गए थे। इसी दौरान जांच में सतौरा गांव स्थित एक स्थान पर नकली पोटाश बनाने का भंडाफोड़ हुआ था। कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में नकली खाद जब्त की गई थी। हालांकि, अब शिकायतकर्ता का आरोप है कि दुकान से कृषि विभाग के कुछ अधिकारियों ने खाद व्यापारी से मिलीभगत कर वास्तविक नकली खाद की बजाय असली खाद का नमूना प्रयोगशाला भेज दिया। ताकि रिपोर्ट में व्यापारी को क्लीन चिट मिल सके।
शिकायतकर्ता ने इसे किसानों के साथ धोखा बताते हुए शासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है। शिकायतकर्ता ने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने की बात करती है पर जमीनी स्तर पर नकली खाद का जाल फैला है। वहीं विभागीय अधिकारी इस पर आंख बंद किए हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विभागीय कार्रवाई केवल दिखावा बनकर रह गई है, जबकि नकली खाद का नेटवर्क लगातार सक्रिय है। जिला कृषि अधिकारी संतलाल गुप्ता ने बताया कि विभागीय अधिकारियों पर लगाए जा रहे आरोप निराधार व गलत हैं। अर्नगल दबाव बनाने के लिए षड़यंत्र के तहत शिकायत की जा रही है, जांच रिपोर्ट आने पर स्थिति साफ हो जाएगी।