लाइसेंस बनवाने के लिए लगी लाइन
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एआरटीओ कार्यालय में वाहनों के रजिस्ट्रेशन सहित अन्य कामों के बढ़ाए गए मूल्य को कंप्यूटर पर अपलोड करने के लिए कई दिन काम बंद रहा। सोमवार को साफ्टवेयर अपलोड होते ही कार्यालय में भीड़ लग गई। बाबुओं को काम करने में खासी दिक्कतें आईं।
उधर, पूर्व में डीएल बनवाने वालों से 30 व 60 रुपये लगते थे। अब उसके स्थान पर 150 से 250 रुपये लगने लगे हैं। शासन ने एआरटीओ दफ्तर में वाहनों के होने वाले रजिस्ट्रेशन, फिटनेस, ड्राइविंग लाइसेंस व रोड टैक्स में भारी वृद्धि की है। निर्देश आने के बाद आनलाइन काम काज नहीं हो पा रहा था। इसकी मुख्य वजह शासन से कंप्यूटर पर नए निर्देशों को आनलाइन अपलोड नहीं किया गया था। कई दिनों से काम न होने से लौट रहे लोगों को सोमवार के दिन राहत मिली।
वाहनों के रजिस्ट्रेशन कराने वाले लोगों के रजिस्ट्रेशन किए गए। वहीं, काउंटर पर फीस भी कटवाई गई। सबसे अधिक भीड़ ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वाले लोगों की रही। भीड़ अधिक हो जाने से बाबुओं को दिक्कतें हुईं। इस पर कर्मचारियों ने सभी को कतार में खड़ा कर दिया। इसके बाद उनके ड्राइविंग लाइसेंस की फीस काटी।
एआरटीओ राहुल श्रीवास्तव ने बताया कि कंप्यूटर पर नए नियमों का साफ्टवेयर अपलोड न होने के कारण कई दिनों से काम काज रुका हुआ था। सोमवार से काम शुरू कर दिया गया है। इसीलिए अधिक भीड़ लग गई। दो दिन के अंदर सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर दिया जाएगा।